झाँसी । रविवार को सामाजिक समरसता मंच, झाँसी महानगर के तत्वाधान में अहिल्याबाई होलकर तिराहे (जीवनशाह तिराहे पर अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती का आयोजन प्रातः 8 बजे किया गया। इस अवसर पर मंच के प्रांतीय संयोजक रवि शंकर गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा शिवकुमार भार्गव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में सभी उपस्थित अतिथियों, मंच के पदाधिकारियों व अन्य आमंत्रित जनों ने अहिल्याबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया ।

इस अवसर पर प्रांत संयोजक ने अपने उद्बोधन में कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जीवन भारतीय इतिहास का स्वर्णिम पृष्ठ है। उन्होने एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्म लेकर अपनी जीवन यात्रा प्रारम्भ की और अपने कृतित्व एक असाधारण शासनकर्ता व कुशल प्रशासक बनी। उनका तीस वर्ष का शासन काल होल्कर वंश के इतिहास का उत्कृष्ट काल रहा है। किसी ने भी उनके नीति, नियम व निर्णय पर उंगली नहीं उठाई। उनका लोक कल्याणकारी शासन भूमिहीन किसानों, भीलों जैसे जनजातीय समूहों तथा विधवाओं के हितों की रक्षा करने वाला एक आदर्श शासन था । समाज के सभी वर्गों का सम्मान, सुरक्षा, प्रगति के अवसर देने वाली समरसता की दृष्टि उनके प्रशासन का आधार रही ।
लोकमाता का सम्पूर्ण जीवन सादगी सम्पन्न, उज्ज्वल चरित्र, धर्म पारायण, प्रजावत्सलता का अप्रतिम उदाहरण था। वे थीं तो मालवा राज्य की साम्राज्ञी लेकिन उनकी दृष्टि अखिल भारतीय थी इसलिए उन्होने अपने व्यक्तिगत कोष से अधिकांश ज्योतिर्लिंगों, तीर्थ स्थलों, नदियों पर घाटों, धर्मशालाओं, अन्नक्षेत्रों, तालाबों का निर्माण सम्पूर्ण भारतवर्ष में कराया था। अहिल्याबाई के इन्हीं जन हितेशी, धर्मोन्नयन के कार्यों के कारण उन्हें पुण्यश्लोका व लोकमाता कहा जाता है। उनके दिखाये, सादगी, चरित्र्य सम्पन्न जीवन व आध्यात्मिक आदर्शों से हम सभी प्रेरणा ले सकते हैं।
मुख्य अतिथि शिव कुमार भार्गव ने उपस्थित लोगों से अपेक्षा व्यक्त की वे लोकमाता के जीवन से प्रेरणा प्राप्त कर वैभव सम्पन्न राष्ट्र बनाने में अपना योगदान देंगे।
इस अवसर पर सामाजिक समरसता मंच के विभाग संयोजक सीताशरण तिवारी, झाँसी ग्रामीण के संयोजक मुन्ना लाल विश्वकर्मा, सेवाभारती के प्रांतीय सदस्य मनोज आदि गणमान्य सज्जन उपस्थित थे । कार्यक्रम के अंत में सामाजिक समरसता मंच के महानगर संयोजक विपिन गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया ।
