नई दिल्ली। लखनऊ में दिल्ली यूनिवर्सिटी की 19 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी लगातार अपनी लोकेशन छिपाने के लिए तकनीकी तरीकों का सहारा ले रहे हैं और जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
पीड़िता 15 मई को जौनपुर से दिल्ली जा रही थी, तभी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर उसके परिचित शिवम यादव से मुलाकात हुई। आरोप है कि इसके बाद शिवम और उसके साथी सनी यादव उसे सुशांत गोल्फ सिटी इलाके के एक किराए के फ्लैट में ले गए, जहां कोल्ड कॉफी में नशा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
तीन दिनों में 80 सिम कार्ड बदलने का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी तकनीकी ट्रैकिंग से बचने के लिए लगातार सिम कार्ड बदल रहे थे। तीन दिनों (19 से 21 मई) के भीतर उन्होंने लगभग 80 सिम कार्ड बदले और एक ही मोबाइल हैंडसेट का इस्तेमाल करते रहे, ताकि कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रेस न हो सके।
साइबर सेल अब आरोपियों के IMEI नंबर और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच कर रही है, ताकि किसी भी सिम कार्ड के बावजूद डिवाइस के जरिए आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
पीड़िता ने फ्लैट की पहचान कराई
पुलिस टीम पीड़िता को साथ लेकर सुशांत गोल्फ सिटी स्थित EWS PM आवास योजना के एक फ्लैट पर पहुंची, जहां कथित तौर पर वारदात हुई थी। वहां पीड़िता ने घटनास्थल की पहचान की, हालांकि वह इस दौरान सदमे में नजर आई।
आरोपियों की तलाश तेज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। फिलहाल प्राथमिकता उनकी गिरफ्तारी है और जौनपुर व दिल्ली में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
धमकी और लगातार उत्पीड़न का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया और लगातार उत्पीड़न किया गया। साथ ही उसे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
