झांसी। विभिन्न मांगों को लेकर तहसील के लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। प्रांतीय स्तर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने कार्य की बढ़ती जिम्मेदारियों और तकनीकी संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया।
लेखपालों ने कहा कि वर्तमान समय में उनके अधिकांश कार्य ऑनलाइन और तकनीकी माध्यमों से जुड़े हैं, लेकिन इसके अनुरूप उन्हें पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि राजस्व संबंधी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
लेखपालों का कहना है कि उनके कार्यक्षेत्र में लगातार बढ़ोतरी कर दी गई है। क्षेत्र अधिक होने के कारण एक साथ कई गांवों और अलग-अलग मामलों का काम संभालना पड़ रहा है। इससे काम का दबाव बढ़ गया है और निर्धारित समय में सभी कार्यों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कार्यक्षेत्र का पुनर्निर्धारण करने समेत अन्य मांगें उठाईं। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 24 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार कर दिया जाएगा। इससे राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की आशंका है। लेखपालों ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर समय रहते समाधान कराने की अपील की है।
