कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी मनमाने फैसले लेने का आरोप, पुलिस के सामने झुकने और माफी मांगने पर उठाए सवाल
झांसी। जिला कचहरी परिसर में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री के खिलाफ अधिवक्ताओं का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आ गया। नाराज अधिवक्ताओं ने दोनों पदाधिकारियों पर मनमानी करने और पुलिस के सामने झुककर माफी मांगने का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अध्यक्ष और महामंत्री का पुतला दहन कर उनके खिलाफ नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ता संदीप ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष और महामंत्री ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा कि जिला अधिवक्ता संघ का कार्यकाल 17 अक्टूबर को समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद दोनों पदाधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं। यदि उन्हें किसी मुद्दे पर आंदोलन करना था तो इसके लिए आमसभा अथवा कार्यकारिणी की बैठक बुलानी चाहिए थी। आरोप लगाया कि अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए कनिष्ठ अधिवक्ताओं को आगे कर दिया गया, जिससे अधिवक्ताओं के सम्मान को ठेस पहुंची है। इसी के विरोध में दोनों पदाधिकारियों का पुतला फूंका गया।
दरोगा से मारपीट के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, बीते दिनों कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान एक दरोगा के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। घटना के बाद पुलिस ने कुछ अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस कार्रवाई को लेकर अधिवक्ताओं में पहले से ही नाराजगी थी।
इसी बीच बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री पर पुलिस के सामने झुकने और माफी मांगने के आरोपों ने विवाद को और हवा दे दी। विरोध कर रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि बार नेतृत्व को अधिवक्ताओं के सम्मान और हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा होना चाहिए था।
बार के भीतर गुटबाजी आई सामने
पुतला दहन के साथ ही बार एसोसिएशन के भीतर चल रही खींचतान भी सार्वजनिक हो गई। एक तरफ पुलिस कार्रवाई को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी है, तो दूसरी तरफ बार नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटनाक्रम ने अधिवक्ता संगठन के भीतर आपसी मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया है।
