शिव भजनों पर झूमते कांवड़िए, डीजे-ढोल बना आकर्षण
कांवड़ यात्रा के दौरान कई जत्थों में भक्ति का उत्साह देखते ही बन रहा है। शिवभक्त रास्ते में शिव भजनों पर नाचते-गाते आगे बढ़ रहे हैं। कई जत्थों के साथ डीजे, ढोल और भजन मंडलियां भी चल रही हैं। शाम ढलते ही कांवड़ मार्गों की रौनक और बढ़ जाती है। रोशनी से सजी कांवड़ें, डीजे की धुन और भगवा वस्त्रों में नजर आते शिवभक्त पूरे माहौल को मेले जैसा बना देते हैं।
हाईवे पर डाक कांवड़िए तेजी से अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहे हैं। वहीं सामान्य कांवड़ लेकर पैदल चल रहे शिवभक्त भजनों और जयकारों के बीच अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। कांवड़ियों का जोश राह से गुजरने वाले लोगों का भी ध्यान खींच रहा है। शहरों के लोग बड़ी संख्या में कांवड़ मार्गों तक पहुंचकर यात्रा का नजारा देख रहे हैं और कई जगह सेवा शिविरों में शिवभक्तों की मदद भी कर रहे हैं।
सेवा शिविरों में भंडारे, जगह-जगह फूलों से स्वागत
कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों के लिए जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में भोजन, पानी, शरबत और आराम करने की व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में युवा और स्वयंसेवक दिन-रात कांवड़ियों की सेवा में जुटे हुए हैं। कई जगह शिवभक्तों का पुष्प वर्षा कर स्वागत भी किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर में सीओ ऋषिका सिंह भी महिला कांवड़ियों की सेवा करती नजर आईं। महिला कांवड़ियों के पैर दबाते हुए उनका वीडियो और तस्वीरें भी चर्चा में रहीं।
11 अगस्त को महाशिवरात्रि, और बढ़ेगी कांवड़ियों की भीड़
कांवड़ यात्रा के दौरान शाम और रात में हाईवे और कांवड़ मार्गों पर मेले जैसा दृश्य दिखाई दे रहा है। शिवभक्तों के साथ स्थानीय लोग भी इन रास्तों पर पहुंच रहे हैं। कुछ लोग कांवड़ यात्रा का भक्तिमय नजारा देखने आ रहे हैं तो कई सेवा शिविरों में पहुंचकर कांवड़ियों की सेवा कर रहे हैं। 11 अगस्त को महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवालयों में कांवड़िए गंगाजल चढ़ाएंगे। इस वजह से कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और बढ़ने की संभावना है।
