झांसी। झांसी में ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी से जुड़े एक बड़े मामले ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी यशस्वी द्विवेदी (24), जो सिपाही रजत सिंह की गर्लफ्रेंड बताई जा रही है, दरोगा बनने की तैयारी कर रही थी और हाल ही में उसने पुलिस भर्ती परीक्षा भी दी थी। एमए और बीएड पास यशस्वी टीचर बनने का एग्जाम भी दे चुकी थी।
मामला तब सामने आया जब सीपरी बाजार थाना पुलिस ने रॉयल सिटी कॉलोनी के एक फ्लैट पर छापा मारा, जहां आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चलाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से यशस्वी और उसकी साथी निशा खान (32) को गिरफ्तार किया। फ्लैट से भारी मात्रा में कैश, सोना-चांदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए।
छापेमारी के दौरान पुलिस को एक ट्रॉली बैग मिला, जिसमें करीब 1.55 करोड़ रुपये की ज्वैलरी, लगभग 19 लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद हुआ। इसके अलावा 100-100 ग्राम के 9 सोने के बिस्किट भी मिले, जिससे कुल बरामदगी करीब 2 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है।
एसएसपी के अनुसार, इस पूरे सट्टा नेटवर्क को एक भाजपा नेता आशीष उपाध्याय लीड कर रहा था, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि सिपाही रजत सिंह अपने साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट करता था और यशस्वी भी इस नेटवर्क का हिस्सा बन गई थी।
पुलिस के मुताबिक, यशस्वी और रजत पिछले करीब एक साल से झांसी की पॉश कॉलोनी में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। यहीं से सट्टेबाजी का पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा था। आरोप है कि सट्टे से कमाई गई रकम और ज्वैलरी फ्लैट में जमा की जाती थी, जिसका बंटवारा IPL सीजन खत्म होने के बाद होना था।
जांच में यह भी सामने आया कि पैसों को लेकर गिरोह में अंदरूनी विवाद चल रहा था, जिसके बाद पुलिस को सूचना मिली और पूरा रैकेट पकड़ में आ गया। निशा खान, जो इस मामले में गिरफ्तार हुई है, एक अन्य आरोपी की करीबी बताई जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद यशस्वी ने पुलिस से कहा कि जिसने उसे जीवन में स्थिर भविष्य का वादा किया था, वही उसे जेल तक ले आया। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।फिलहाल इस मामले में सिपाही समेत 5 अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
