सुबह धीमी गति से शुरू हुआ मतदान शाम तक 50 प्रतिशत का आंकड़ा भी नहीं छू सका
सांसद अनुराग शर्मा का मतदाता सूची में नाम कटने पर पूर्व राज्यसभा सांसद ने कसा तंज
झांसी। प्रयागराज-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव में शुक्रवार को झांसी जिले में मतदान अपेक्षाकृत धीमा रहा। सुबह आठ बजे शुरू हुआ मतदान शाम चार बजे तक चला। जिले के 47 बूथों और 31 मतदान केंद्रों पर कुल 25,220 मतदाताओं में से 12,465 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह शाम चार बजे तक जिले में 49.43 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान समाप्त होने के साथ ही भाजपा और सपा समर्थित प्रत्याशियों समेत कुल 13 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई।

मतदान की शुरुआत सुबह धीमी गति से हुई और दिन बढ़ने के साथ इसमें कुछ तेजी जरूर आई, लेकिन मतदान प्रतिशत 50 फीसदी तक नहीं पहुंच सका। दोपहर 12 बजे तक 4,676 मतदाताओं ने वोट डाले थे, जिससे मतदान प्रतिशत 18.54 रहा। दोपहर दो बजे तक मतदान का आंकड़ा बढ़कर 8,468 पहुंच गया और मतदान प्रतिशत 33.58 फीसदी हो गया। शाम चार बजे मतदान समाप्त होने तक 12,465 मतदाताओं ने मतदान किया।

मतदान के दौरान जिलाधिकारी गौरांग राठी और एसएसपी विकास कुमार ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और अन्य इंतजामों की जानकारी ली।

वहीं, सपा के पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह ने मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां हैं और एक ही मतदाता का नाम कई बार दर्ज है। उन्होंने झांसी-ललितपुर सांसद अनुराग शर्मा का नाम मतदाता सूची में नहीं होने को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि जब भाजपा के सांसद का नाम ही सूची में नहीं है तो दूसरे लोगों के नाम क्या जुड़वाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने ही सांसद का नाम सूची से कटवाया है।

इधर, सांसद अनुराग शर्मा ने मतदाता सूची में अपना नाम नहीं होने के सवाल पर इसे तकनीकी खराबी बताया। उन्होंने अपनी ओर से भी गलती की संभावना स्वीकार करते हुए कहा कि संभव है कि फार्म भरने में कोई कमी या गड़बड़ी रह गई हो। इस तरह मतदान के दौरान मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए।

मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब प्रत्याशियों और समर्थकों की निगाहें मतगणना पर टिक गई हैं। जिले में हुए मतदान के आंकड़े चुनावी मुकाबले में प्रत्याशियों के लिए अहम माने जा रहे हैं।
