झांसी। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री तथा झांसी के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने शनिवार को झांसी मंडल की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 13 नई पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रस्तावित योजनाओं में झांसी की आठ, जालौन की तीन और ललितपुर की दो परियोजनाएं शामिल हैं। इनका उद्देश्य धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार और बुंदेलखंड की समृद्ध विरासत को पर्यटन से जोड़ना है। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन विकास केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक स्थल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने एक करोड़ रुपये तक की सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को नवंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यदायी संस्थाओं से कहा कि भूमि पूजन से लेकर लोकार्पण तक जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए रखें।
बैठक में झांसी की प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें प्राचीन माता मंदिर, सिद्ध बाबा की टोरिया, बालूआ घाट हनुमान मंदिर, श्री चड़कन महाराज मंदिर, बरिया बाली माता मंदिर और श्री हीरामन महाराज मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटक सुविधाओं के विकास के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा 17वीं शताब्दी के राजा चंपतराय महल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत हेरिटेज पर्यटन इकाई के रूप में विकसित करने तथा मराठा कालीन रघुनाथ महल के संरक्षण, पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बेतवा रिवर व्यू डेक सहित अन्य पर्यटन स्थलों के विकास को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
ललितपुर में श्री श्री 1008 भुवनेश्वर धाम मंदिर और वनखंडी मंदिर, जबकि जालौन में प्राचीन बड़ी माता मंदिर, ऋषि पराशर तपोस्थली और करण देवी मंदिर के विकास एवं पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। संस्कृति विभाग ने झांसी राजकीय संग्रहालय के आधुनिकीकरण, जालौन में शहीद श्याम सिंह सेंगर स्मारक, हाथीखाना, रानी महल, महाकालेश्वर मंदिर, लक्ष्मी मंदिर, बबीना की खैलार बावली तथा गरौठा की चंदेलकालीन बावली के संरक्षण से जुड़े प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए। साथ ही चिरगांव में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त संग्रहालय के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
धर्मार्थ कार्य विभाग ने बंजारो मंदिर, राम जानकी मंदिर और शिव मंदिर के अनुरक्षण एवं विकास की योजनाएं प्रस्तुत कीं। मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण, परियोजनाओं की सतत निगरानी तथा सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में राज्यमंत्री मनोहर लाल पंत (मन्नू कोरी), विभिन्न जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी गौरांग राठी, नगर आयुक्त आकांक्षा राणा सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
