वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर रविवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां सुरक्षा गार्डों की पिटाई में सोनभद्र से आए एक पर्यटक की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार गार्डों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, सोनभद्र से दो भाई अपने साथियों के साथ वाराणसी घूमने आए थे और नमो घाट पर पहुंचे थे। घाट के प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्डों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक झगड़े में बदल गई।
आरोप है कि करीब एक दर्जन सुरक्षा गार्डों ने दोनों भाइयों पर हमला कर दिया और बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। इस हमले में राजेंद्र उर्फ चिंटू गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बचाकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल चार सुरक्षा गार्डों को हिरासत में ले लिया। अन्य फरार गार्डों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही घाट पर मौजूद कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। सवाल उठ रहे हैं कि जब प्रशासन की ओर से घाट को 24 घंटे खुला बताया जाता है, तो फिर पर्यटकों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया।
कुछ दिन पहले ही घाटों की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे, और अब इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
