झांसी। झांसी में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के मामले में गिरफ्तार सट्टा माफिया शुभम उपाध्याय समेत तीन आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली है। सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही सभी आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 28 अप्रैल 2026 को नवाबाद थाना पुलिस को सूचना मिली कि तिलयानी बजरिया निवासी शुभम उपाध्याय अपने साथियों सिंधी कॉलोनी गल्ला मंडी निवासी विजय बाधवा और बड़ागांव गेट बाहर निवासी नितिन अग्रवाल के साथ फॉर्च्यूनर वाहन से भागने की फिराक में है।
सूचना पर थाना प्रभारी रवि कुमार श्रीवास्तव और विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी निखिल सिंह पुलिस टीम के साथ आरोपियों की तलाश में निकले। मुस्तरा मार्ग पर पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। पुलिस के पीछा करने पर फॉर्च्यूनर सवार आरोपियों ने कथित रूप से पुलिस को कुचलने की नीयत से सरकारी वाहन में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पुलिस वाहन पलट गया, जिससे थाना प्रभारी रवि कुमार श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक निखिल सिंह समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से सट्टेबाजी से संबंधित कई आईडी, करोड़ों रुपये के ऑनलाइन लेनदेन के दस्तावेज, एक दर्जन से अधिक महंगे मोबाइल फोन तथा नकदी बरामद की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध और पुलिस पर हमले का मामला बताते हुए जमानत का विरोध किया। अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए शुभम उपाध्याय, नितिन अग्रवाल और विजय बाधवा की जमानत याचिका निरस्त कर दी।
