नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जेल पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने आजम खान के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि आजम खान पहले भी आजम थे आज भी आजम हैं और आगे भी आजम रहेंगे। उन्होंने कहा कि फर्जी मुकदमों में इतनी ताकत नहीं है कि आजम खान को लंबे समय तक जेल में रखा जा सके। अखिलेश के इस बयान को आजम खान के प्रति पार्टी के समर्थन और राजनीतिक एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
जेल से बाहर निकलने के बाद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आजम खान के साथ अपनी मुलाकात को लेकर प्रतिक्रिया दी। हालांकि जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि आजम खान से मिलने आने में करीब 11 महीने का समय क्यों लग गया तो वह सवाल पर नाराज होते दिखाई दिए। इस दौरान बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। मुलाकात के बाद उनके बयान और सवाल पर उनकी प्रतिक्रिया राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई।
आजम खान समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और रामपुर की राजनीति में उनका लंबे समय से प्रभाव रहा है। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों और जेल में रहने को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार बहस होती रही है। समाजवादी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देखती रही है जबकि आरोपों और कानूनी मामलों का फैसला अदालतों की प्रक्रिया के तहत होता है। अखिलेश यादव का ताजा बयान इसी राजनीतिक संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में आजम खान के राजनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्हें फर्जी मुकदमों के जरिए दबाया नहीं जा सकता। समाजवादी पार्टी लंबे समय से आजम खान और उनके परिवार से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कानूनी कार्रवाई के नाम पर उनके वरिष्ठ नेता को निशाना बनाया गया है। हालांकि किसी मुकदमे को फर्जी या सही मानने का अंतिम फैसला संबंधित अदालत के अधिकार क्षेत्र में आता है।
रामपुर जेल में हुई इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खास तौर पर इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने लंबे अंतराल के बाद आजम खान से मुलाकात की। पत्रकारों ने इसी अवधि को लेकर सवाल किया था। सवाल के जवाब में अखिलेश की नाराजगी ने इस मुलाकात को और चर्चा में ला दिया। हालांकि उपलब्ध जानकारी में मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का विस्तृत ब्यौरा सामने नहीं आया है।
आजम खान उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख मुस्लिम नेता के रूप में पहचाने जाते हैं और रामपुर से उनका गहरा राजनीतिक जुड़ाव रहा है। उनके जेल में रहने और कानूनी मामलों को लेकर समाजवादी पार्टी के समर्थक लगातार प्रतिक्रिया देते रहे हैं। अखिलेश यादव का यह दौरा पार्टी के भीतर आजम खान के महत्व को दोहराने वाला कदम माना जा रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि समाजवादी पार्टी नेतृत्व अपने वरिष्ठ नेता के साथ खड़े होने का संदेश देना चाहता है।
फिलहाल इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव के बयान और पत्रकारों के सवाल पर उनकी प्रतिक्रिया चर्चा में है। आजम खान से मिलने के बाद उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आजम खान का राजनीतिक प्रभाव खत्म नहीं हुआ है। वहीं मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई और आगे पार्टी इस मामले को लेकर क्या रणनीति अपनाएगी इस पर अभी कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
