
गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र में ‘वाटर बॉडी’ पर नवनिर्मित टूलेन ब्रिज का लोकार्पण कर जनता को बड़ी सौगात दी। 14.33 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह पुल न केवल शहर के दो हिस्सों को जोड़ता है, बल्कि क्षेत्र की ‘इंटरनल कनेक्टिविटी’ को भी मजबूती प्रदान करेगा। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर इस परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया।
जब श्रमिकों के साथ फ्रेम में आए मुख्यमंत्री
लोकार्पण के बाद एक बेहद भावुक और खास पल तब देखने को मिला जब सीएम योगी ब्रिज का निरीक्षण कर रहे थे। वहां काम करने वाले मजदूरों को देखकर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाई और उन्हें अपने पास बुलाकर उनके साथ फोटो खिंचवाई। श्रम शक्ति का यह सम्मान देखकर वहां मौजूद मजदूर गदगद हो उठे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए बच्चों पर भी अपना स्नेह लुटाया।
माफिया और मच्छर से ‘समृद्धि’ तक का सफर
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले और आज के गोरखपुर की तुलना की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग गोरखपुर का नाम सुनकर डरते थे, यहां माफिया और मच्छरों का बोलबाला था। नौजवानों को अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी और निवेश के नाम पर सन्नाटा था। लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है। अकेले गीडा (GIDA) में ही 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है और लोग यहां के बदलाव को देखकर अचंभित हैं।
तारामंडल बना शहर का सबसे ‘पॉश’ इलाका
सीएम योगी ने याद दिलाया कि 1998 की बाढ़ के बाद लोग तारामंडल क्षेत्र को छोड़कर भाग रहे थे, लेकिन आज यह क्षेत्र समृद्धि का प्रतीक बन गया है। उन्होंने जीडीए (GDA) अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस वाटर बॉडी को रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित करें ताकि यहां नौकायन और पर्यटन की सुविधाएं बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि एम्स, खाद कारखाना, चिड़ियाघर और बेहतर सड़कों ने गोरखपुर को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है।
सांसद रवि किशन ने दी बधाई
इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ल ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि गोरखपुर आज पूरे प्रदेश के लिए विकास की एक नजीर पेश कर रहा है। उन्होंने करोड़ों रुपये की परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। कार्यक्रम में विधायक विपिन सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अंत में नागरिकों से अपील की कि वे विकास कार्यों को अपना समझें और इनके संरक्षण की जिम्मेदारी उठाएं।
