मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और उसके गेंदबाजों ने कप्तान के इस निर्णय को सही साबित किया। श्रीलंका की बल्लेबाजी शुरुआत से ही संघर्ष करती नजर आई और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। कप्तान चमारी अथापथु ने जिम्मेदारी संभालते हुए सबसे अधिक 34 रन बनाए। उन्होंने 33 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौकों की मदद से टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। उनके अलावा संजाना काविंदी ने 20 और इमेशा दुलानी ने 17 रन का योगदान दिया। निर्धारित 20 ओवर में श्रीलंका की टीम 6 विकेट खोकर 113 रन ही बना सकी।
पाकिस्तान की गेंदबाजी काफी अनुशासित रही। मोमिमा रियासत ने दो विकेट हासिल किए, जबकि उमे हानी, नशरा संधू, तुबा हसन और आएशा जफर ने एक-एक सफलता अर्जित की। गेंदबाजों ने श्रीलंका को बड़े शॉट खेलने का मौका नहीं दिया और पूरे मैच में दबाव बनाए रखा।
114 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने संयमित बल्लेबाजी की। कप्तान मुनीबा अली ने 19 रन बनाकर अच्छी शुरुआत दिलाई, जबकि शावल जुल्फिकार ने 21 रन का उपयोगी योगदान दिया। मैच की सबसे महत्वपूर्ण पारी चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आईं आएशा जफर ने खेली। उन्होंने 31 गेंदों पर 39 रन बनाए, जिसमें छह चौके शामिल रहे। दबाव के बीच उनकी यह पारी पाकिस्तान की जीत की नींव साबित हुई। अंत में सायरा जबीन ने नाबाद 12 रन बनाकर टीम को 18.2 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य तक पहुंचा दिया।
श्रीलंका की ओर से कप्तान चमारी अथापथु ने गेंद से भी शानदार प्रदर्शन किया और चार ओवर में 20 रन देकर दो विकेट झटके। कविशा दिल्हाड़ी ने भी दो विकेट हासिल किए, जबकि निमाशा मीपागे को एक सफलता मिली। बावजूद इसके श्रीलंकाई गेंदबाज पाकिस्तान की जीत नहीं रोक सके।
शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए आएशा जफर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने बल्ले से 39 रन बनाने के साथ गेंदबाजी में भी एक विकेट लेकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। वहीं पूरी सीरीज में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाली श्रीलंका की इमेशा दुलानी को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला। उन्होंने तीन मैचों में कुल 123 रन बनाकर टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
हालांकि पाकिस्तान ने अंतिम मुकाबला जीतकर आत्मविश्वास हासिल किया, लेकिन शुरुआती दोनों मैचों में छह-छह विकेट से मिली जीत के दम पर श्रीलंका ने 2-1 से सीरीज अपने नाम कर यह साबित कर दिया कि घरेलू परिस्थितियों में उसकी टीम कितनी मजबूत है। दूसरी ओर पाकिस्तान इस जीत से सकारात्मक संकेत लेकर आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारी करेगा।
