रोहित शर्मा ने अपनी पारी के दौरान शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 17 चौके और 5 छक्के लगाए। शुरुआत से ही उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। इस पारी के साथ रोहित इंग्लैंड की धरती पर भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने वर्ष 2017 में ट्रेंट ब्रिज में खेली गई अपनी 137 रन की नाबाद पारी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया और नया इतिहास रच दिया।
भारतीय पारी की शुरुआत भी शानदार रही। रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 147 रन की मजबूत साझेदारी कर टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। गिल ने 77 रन की शानदार पारी खेली और रोहित का अच्छा साथ निभाया। गिल के आउट होने के बाद विराट कोहली ने भी जिम्मेदारी संभाली और रोहित के साथ दूसरे विकेट के लिए 113 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। कोहली ने 60 गेंदों में 74 रन बनाते हुए लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीदों को जिंदा रखा।
पहले दो वनडे मुकाबलों में रोहित शर्मा का बल्ला खामोश रहा था जिसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। आलोचकों ने उनकी बल्लेबाजी पर सवाल खड़े किए थे लेकिन तीसरे मुकाबले में उन्होंने अपने अनुभव और क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी आलोचनाओं का जवाब बल्ले से दिया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आया और हर शॉट में पुरानी लय दिखाई दी।
हालांकि रोहित की शानदार पारी के बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। 388 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट पर 360 रन ही बना सका। रोहित गिल और कोहली के अलावा अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। ईशान किशन 14 रन बनाकर आउट हो गए जबकि श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। केएल राहुल केवल 12 रन ही बना सके और अक्षर पटेल भी 2 रन बनाकर सस्ते में आउट हो गए। मध्यक्रम की यही नाकामी भारत की हार की सबसे बड़ी वजह बनी।
इससे पहले इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। बेन डकेट ने 141 रन की शानदार पारी खेली जबकि जैकब बेथेल ने 91 रन बनाए। अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने नाबाद 74 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और अंत में जोस बटलर ने सिर्फ 13 गेंदों में 41 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत के सामने बेहद कठिन लक्ष्य खड़ा कर दिया।
भले ही भारत सीरीज हार गया हो लेकिन रोहित शर्मा की रिकॉर्डतोड़ पारी भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाएगी। बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता एक बार फिर साबित हुई है और आने वाले महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों से पहले उनका फॉर्म में लौटना टीम इंडिया के लिए राहत की खबर है।
