टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। पहले ही ओवर में टीम ने प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली के विकेट गंवा दिए, जिससे दबाव शुरुआती क्षणों में ही बढ़ गया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्रभसिमरन सिंह के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन यह साझेदारी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। जल्द ही विकेटों का पतन जारी रहा और टीम 47 रन तक आधी सिमट गई।
ऐसे मुश्किल समय में मार्कस स्टोइनिस और युवा बल्लेबाज सूर्यांश शेडगे ने मोर्चा संभाला। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 79 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। सूर्यांश ने आक्रामक अंदाज में 57 रन बनाए, जबकि स्टोइनिस ने 40 रनों का योगदान दिया। अंत में मार्को यानसेन ने 20 रन जोड़कर टीम का स्कोर 163 तक पहुंचाया।
गुजरात की ओर से जेसन होल्डर ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा ने 2-2 विकेट लेकर पंजाब को बड़ा स्कोर बनाने से रोका।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस को शुरुआत में ही झटका लगा जब कप्तान शुभमन गिल सस्ते में आउट हो गए। इसके बाद साईं सुदर्शन ने जोस बटलर के साथ मिलकर पारी को स्थिरता दी। बटलर के आउट होने के बाद सुदर्शन ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हुए शानदार बल्लेबाजी जारी रखी।
सुदर्शन ने निशांत सिंधु और फिर वॉशिंगटन सुंदर के साथ अहम साझेदारियां निभाईं। उन्होंने 57 रनों की संयमित और प्रभावशाली पारी खेलकर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। अंत में सुंदर ने 40 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए गुजरात को 19.5 ओवरों में जीत दिला दी।
पंजाब की ओर से अर्शदीप सिंह और विजयकुमार वैशाक ने 2-2 विकेट लिए, लेकिन वे टीम को हार से नहीं बचा सके।
यह मुकाबला पूरी तरह संतुलित रहा, लेकिन अंत में गुजरात के बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का सही मिश्रण दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। सुदर्शन और सुंदर की पारियां इस जीत की सबसे बड़ी वजह साबित हुईं, जिसने टाइटंस के अभियान को नई मजबूती दी।
