महेंद्र चौहान ने कहा कि भारत जैसी मजबूत टीम को एक हार के आधार पर कमजोर नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट बेहद तेज और अनिश्चितताओं से भरा प्रारूप है जहां छोटी-सी गलती या विपक्षी टीम का शानदार प्रदर्शन मैच का परिणाम बदल सकता है। उनके अनुसार कभी-कभी अपेक्षाकृत नई या कमजोर मानी जाने वाली टीमें भी बड़े उलटफेर कर देती हैं।
उन्होंने कहा कि पहले टी20 में मिली हार से यह निष्कर्ष निकालना गलत होगा कि भारतीय टीम अच्छी नहीं है। टीम इंडिया के पास विश्व स्तरीय बल्लेबाज गेंदबाज और फील्डर मौजूद हैं जो किसी भी परिस्थिति में मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय टीम अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जोरदार वापसी करेगी।
जब महेंद्र चौहान से पूछा गया कि वह भारतीय खिलाड़ियों को कोई विशेष सलाह देना चाहेंगे तो उन्होंने विनम्रता से कहा कि राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने वाले खिलाड़ी अपने दम पर हर चुनौती पार करके वहां पहुंचे हैं। ऐसे खिलाड़ियों को सलाह देने की जरूरत नहीं होती क्योंकि वे खेल की बारीकियों और दबाव से अच्छी तरह परिचित हैं।
पहले टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 182 रन बनाए। टीम के लिए लॉर्कन टकर ने 36 गेंदों में शानदार 50 रन की पारी खेली जबकि गैरेथ डेलानी ने 39 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों की पारियों की बदौलत आयरलैंड ने भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
183 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से टीम कभी भी मैच में मजबूत स्थिति नहीं बना सकी। सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके जिससे रनचेज पूरी तरह बिखर गया।
भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने सबसे अधिक 49 रन बनाए और संघर्ष जरूर किया लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। पूरी भारतीय टीम 148 रन पर सिमट गई और उसे 34 रन से हार का सामना करना पड़ा।
यह जीत आयरलैंड के लिए ऐतिहासिक रही क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसने पहली बार भारत को हराने का कारनामा किया। हालांकि भारतीय टीम और उसके समर्थकों को उम्मीद होगी कि अगले मुकाबलों में टीम अपनी गलतियों से सबक लेकर बेहतर प्रदर्शन करेगी।
