नई दिल्ली ।भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली है। भारत ने पहली पारी 503 रन पर नौ विकेट के नुकसान के बाद घोषित की और इसके जवाब में श्रीलंका ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दो विकेट खोकर केवल आठ रन बनाए। इस स्थिति ने मेजबान टीम के सामने फॉलोऑन बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
भारत की पहली पारी में ध्रुव जुरेल सबसे बड़े आकर्षण रहे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 115 रन बनाए और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जुरेल ने मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और पारी को संभालने के साथ ही जरूरत पड़ने पर आक्रामक शॉट भी लगाए। यह उनके टेस्ट करियर का दूसरा शतक रहा।
जुरेल को दूसरे छोर पर ऋषभ पंत का अच्छा साथ मिला। पंत ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 63 रन बनाए और भारतीय पारी को गति प्रदान की। दोनों बल्लेबाजों के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। इससे पहले देवदत्त पडिक्कल ने भी शतक लगाकर भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया था।
भारतीय बल्लेबाजी में कई खिलाड़ियों ने योगदान दिया, जिसके चलते टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही। कप्तान शुभमन गिल ने भी उपयोगी पारी खेली। भारत ने अपनी स्थिति को देखते हुए 503 रन पर पारी घोषित करने का फैसला किया, ताकि श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर पर्याप्त समय के साथ दबाव बनाया जा सके।
श्रीलंका की पहली पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। भारत की ओर से तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और स्पिनर मानव सुथार ने शुरुआती झटके दिए। श्रीलंका ने केवल आठ रन के स्कोर तक अपने दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। खराब रोशनी और बारिश के कारण खेल प्रभावित होने के बाद दिन का खेल समाप्त हुआ, लेकिन भारत ने इतने कम स्कोर पर ही श्रीलंका को दोहरा झटका दे दिया था।
अब तीसरे दिन श्रीलंका के सामने सबसे बड़ी चुनौती फॉलोऑन से बचने की होगी। टेस्ट क्रिकेट के नियमों के अनुसार पांच दिन के मुकाबले में पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने वाली टीम विपक्षी टीम को दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुला सकती है। भारत ने 503 रन बनाए हैं, इसलिए श्रीलंका को फॉलोऑन से बचने के लिए कम से कम 304 रन तक पहुंचना होगा।
इस लिहाज से श्रीलंका को अभी लंबा रास्ता तय करना है। टीम के आठ रन पर दो विकेट गिर चुके हैं और भारत के पास 495 रन की विशाल बढ़त मौजूद है। यदि भारतीय गेंदबाज शुरुआती सत्र में कुछ और विकेट हासिल कर लेते हैं, तो श्रीलंका पर पारी से हार का खतरा और बढ़ सकता है।
श्रीलंका के लिए चुनौती इसलिए भी कठिन है क्योंकि टीम अपने कुछ प्रमुख बल्लेबाजों की अनुपस्थिति से जूझ रही है। ऐसे में नए और अपेक्षाकृत कम अनुभवी बल्लेबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित आक्रमण का सामना करते हुए लंबे समय तक क्रीज पर टिकना होगा।
भारत की कोशिश अब श्रीलंका की पहली पारी को जल्द समेटकर बड़ी बढ़त हासिल करने की होगी। अगर भारतीय गेंदबाज लगातार विकेट निकालते हैं, तो मैच तीसरे दिन ही निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकता है। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में मौसम और पिच की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए श्रीलंका के लिए वापसी की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जा सकती।
