श्रीलंका के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा सफल रन चेज 388 रन का है। जुलाई 2017 में कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ श्रीलंकाई टीम ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पहली पारी में 356 रन बनाए थे जबकि श्रीलंका ने 346 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे ने दूसरी पारी में 377 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 388 रन का लक्ष्य रखा। मेजबान टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 391 रन बनाकर 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया था।
उस ऐतिहासिक रन चेज में निरोशन डिकवेला ने 81 रन की अहम पारी खेली थी जबकि असेला गुणारत्ने 80 रन बनाकर नाबाद रहे थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए 121 रन की निर्णायक साझेदारी हुई थी। इस जीत ने श्रीलंका को टेस्ट इतिहास के सबसे यादगार रन चेज में शामिल कर दिया।
श्रीलंका ने इससे पहले भी 350 से ज्यादा रन के लक्ष्य का सफल पीछा किया है। साल 2006 में कोलंबो में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रीलंका ने 352 रन का लक्ष्य हासिल किया था। दक्षिण अफ्रीका ने चौथी पारी में जीत के लिए 352 रन का लक्ष्य रखा था और श्रीलंका ने 352 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया था। इस मैच में महेला जयवर्धने ने 123 रन की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।
यानी श्रीलंका की टीम टेस्ट क्रिकेट में दो बार 350 या उससे ज्यादा रन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर चुकी है। अब गॉल में उसके सामने 372 रन का लक्ष्य है। यह लक्ष्य उसके 352 रन वाले दूसरे सबसे बड़े सफल रन चेज से 20 रन ज्यादा है। अगर श्रीलंका आखिरी दिन 372 रन तक पहुंच जाता है तो यह उसके टेस्ट इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज बन जाएगा।
हालांकि भारत के खिलाफ यह चुनौती आसान नहीं होगी। चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को शुरुआती झटके देकर दबाव में ला दिया। दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 84 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। कप्तान धनंजय डी सिल्वा 31 रन बनाकर नाबाद हैं जबकि सोनल दिनुषा 25 रन पर खेल रहे हैं। दोनों बल्लेबाजों पर पांचवें दिन टीम की उम्मीदों का बड़ा दारोमदार रहेगा।
गॉल में श्रीलंका के सामने सिर्फ 288 रन बनाने की चुनौती नहीं है बल्कि भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ पूरे दिन टिके रहने की परीक्षा भी होगी। टेस्ट मैच की चौथी पारी में बड़ा लक्ष्य हासिल करना वैसे ही मुश्किल माना जाता है और यहां श्रीलंका के पास सिर्फ 6 विकेट बचे हैं। दूसरी ओर भारत के पास मैच खत्म करने का स्पष्ट मौका है।
गॉल में विदेशी टीम द्वारा श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ा सफल रन चेज पाकिस्तान के नाम है। पाकिस्तान ने 2015 में पल्लेकेले में श्रीलंका के खिलाफ 377 रन का लक्ष्य हासिल किया था। उसने 382 रन बनाकर मुकाबला जीता था। ऐसे में मौजूदा 372 रन का लक्ष्य उस रिकॉर्ड से सिर्फ 5 रन कम है।
अब मुकाबले का पूरा दारोमदार पांचवें दिन पर है। श्रीलंका अगर 288 रन और बना लेता है तो वह न केवल भारत के खिलाफ यादगार जीत दर्ज करेगा बल्कि अपने टेस्ट इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज भी पूरा कर लेगा। दूसरी तरफ भारत के पास छह विकेट लेकर गॉल टेस्ट अपने नाम करने का मौका है। ऐसे में 19 अगस्त का पांचवां दिन दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और रोमांचक रहने वाला है।
