आईसीसी के अनुसार यह मामला वर्ष 2025 में संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित अबू धाबी टी10 लीग से जुड़ा है। इस प्रतियोगिता के लिए एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी को नामित भ्रष्टाचार-रोधी अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। जांच के दौरान अखिलेश रेड्डी की भूमिका संदेह के दायरे में आई, जिसके बाद विस्तृत जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की गई।
आईसीसी ने बताया कि अखिलेश रेड्डी को भ्रष्टाचार-रोधी संहिता के तीन अलग-अलग प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाया गया। उन पर मैच के परिणाम या उसके किसी पहलू को प्रभावित करने की कोशिश करने, दूसरे खिलाड़ी को ऐसे कृत्य के लिए उकसाने तथा जांच के दौरान महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट कर जांच में बाधा पहुंचाने के आरोप सिद्ध हुए।
जांच में यह भी सामने आया कि खिलाड़ी ने अपने मोबाइल उपकरण से डेटा और संदेश हटाने की कोशिश की, जो भ्रष्टाचार-रोधी अधिकारियों की जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते थे। आईसीसी ने इसे जांच प्रक्रिया में सहयोग न करने और साक्ष्य मिटाने का गंभीर मामला माना।
आईसीसी के आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा। इसी तारीख को अखिलेश रेड्डी को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। अब इस अवधि को शामिल करते हुए वह अगले आठ वर्षों तक किसी भी स्तर की क्रिकेट गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे।
अखिलेश रेड्डी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर अभी शुरुआती दौर में ही था। उन्होंने अब तक अमेरिका के लिए चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इन मैचों में गेंदबाजी करते हुए उनके नाम एक विकेट दर्ज है, जबकि उन्हें बल्लेबाजी का अवसर नहीं मिला। इसके अलावा वह 2025 अबू धाबी टी10 लीग में एस्पिन स्टैलियन्स टीम का हिस्सा भी रहे थे।
आईसीसी लगातार क्रिकेट में भ्रष्टाचार रोकने के लिए अपनी निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रही है। परिषद का कहना है कि मैच फिक्सिंग, स्पॉट फिक्सिंग और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। खिलाड़ियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से जांच एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की जाती है।
इस कार्रवाई को क्रिकेट की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आईसीसी का मानना है कि खेल की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई आवश्यक है। इसी नीति के तहत दोषी पाए जाने पर अखिलेश रेड्डी पर यह लंबा प्रतिबंध लगाया गया है।
