फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन ने शानदार खेल दिखाया और गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। स्पेनिश खिलाड़ियों ने लगातार आक्रामक फुटबॉल खेलते हुए अर्जेंटीना के गोल पर कई हमले किए लेकिन गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज बार बार दीवार बनकर सामने आए। उन्होंने कई बेहतरीन बचाव करते हुए अर्जेंटीना को लंबे समय तक मुकाबले में बनाए रखा। दूसरी ओर अर्जेंटीना की टीम अपने स्टार खिलाड़ियों के बावजूद स्पेन के मजबूत डिफेंस को भेदने में सफल नहीं हो सकी। कप्तान लियोनेल मेसी को स्पेनिश डिफेंडरों ने पूरे मुकाबले में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया जिससे अर्जेंटीना का आक्रमण लगातार दबाव में रहा।
निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कोई गोल नहीं हो सका। मुकाबला जितना आगे बढ़ता गया उतना ही रोमांच और तनाव बढ़ता गया। स्टॉपेज टाइम में अर्जेंटीना को बड़ा झटका तब लगा जब मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को दूसरा येलो कार्ड मिलने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम में केवल 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा जिससे स्पेन को अतिरिक्त बढ़त मिल गई।
एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में वह पल आया जिसका इंतजार स्पेन के करोड़ों प्रशंसक कर रहे थे। निको विलियम्स के शानदार हेडर से मिली गेंद को फेरान टोरेस ने बेहतरीन तरीके से नियंत्रित किया और बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। अर्जेंटीना के गोलकीपर मार्टिनेज इस बार भी पूरी कोशिश के बावजूद गेंद को रोक नहीं सके। यही गोल मैच का फैसला साबित हुआ और पूरा स्टेडियम स्पेन के समर्थकों की खुशी से गूंज उठा।
गोल करने के बाद भी स्पेन ने अपना आक्रमण जारी रखा और एक बार फिर गेंद को जाल में पहुंचाया लेकिन फाउल के कारण गोल को अमान्य घोषित कर दिया गया। इसके बावजूद स्पेनिश खिलाड़ियों ने संयम नहीं खोया और अंतिम सीटी बजने तक अर्जेंटीना को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। दूसरी ओर अर्जेंटीना ने आखिरी क्षणों तक बराबरी की कोशिश की लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उसकी हर रणनीति विफल साबित हुई।
पूरे टूर्नामेंट में स्पेन का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम एक भी मुकाबला नहीं हारी और लगातार संतुलित आक्रमण तथा मजबूत रक्षात्मक खेल के दम पर फाइनल तक पहुंची। फाइनल में भी उसी आत्मविश्वास और अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए स्पेन ने विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। वहीं 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का सपना पूरा नहीं कर सकी। इस जीत के साथ स्पेन ने दुनिया को यह संदेश दिया कि उसकी नई पीढ़ी विश्व फुटबॉल पर लंबे समय तक राज करने का दम रखती है।
