रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 68% मॉडर्न पासवर्ड ऐसे हैं जिन्हें आज के ब्रूट-फोर्स और AI आधारित हैकिंग टूल्स की मदद से एक दिन के भीतर क्रैक किया जा सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं, गलत पैटर्न और सरल कॉम्बिनेशन वाले 12 से 15 कैरेक्टर लंबे पासवर्ड भी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पा रहे हैं और कुछ मामलों में इन्हें एक मिनट से भी कम समय में तोड़ा जा सकता है।
विश्लेषण में यह भी पाया गया कि लोग अक्सर पासवर्ड में आसान नंबर सीक्वेंस जैसे “123456”, कीबोर्ड पैटर्न जैसे क्वर्टी या सामान्य शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे हैकर्स के लिए काम और आसान हो जाता है। इसके अलावा ट्रेंडिंग और भावनात्मक शब्दों का इस्तेमाल भी पासवर्ड को कमजोर बना रहा है, जिससे डेटा चोरी का खतरा और बढ़ जाता है।
साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ लंबा पासवर्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मजबूत और यूनिक पासवर्ड के साथ मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) और पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करना आज की सबसे जरूरी डिजिटल सुरक्षा रणनीति बन चुका है।
