कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई मेटा के बड़े “वर्कफोर्स रीस्ट्रक्चरिंग” प्लान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कंपनी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित छोटे और अधिक प्रभावी ढांचे में बदलना है।
पहले WFH, फिर तड़के सुबह ईमेल से नौकरी खत्म
रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने कई देशों के कर्मचारियों को अचानक घर से काम करने का निर्देश दिया। इसके बाद अलग-अलग टाइम जोन में तड़के सुबह ईमेल भेजकर छंटनी की जानकारी दी गई। शुरुआती ईमेल सिंगापुर में लगभग सुबह 4 बजे भेजे जाने की बात सामने आई है।
AI बना छंटनी का सबसे बड़ा कारण
मेटा अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है और AI-आधारित टीमों पर भारी निवेश कर रही है। कंपनी का फोकस अब छोटी लेकिन हाई-परफॉर्मिंग टीमों पर है। इसी कारण हजारों कर्मचारियों की भूमिका बदली जा रही है और कई पद खत्म किए जा रहे हैं।
कंपनी के अनुसार, हजारों कर्मचारियों को नई AI टीमों में शिफ्ट किया जाएगा, जबकि कई खाली पदों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
कंपनी के अंदर बढ़ा तनाव और असंतोष
छंटनी की खबरें पहले ही लीक होने के कारण कर्मचारियों के बीच डर और अस्थिरता का माहौल बना हुआ था। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कुछ कर्मचारियों ने ऑफिस से जरूरी चीजें तक घर ले जाना शुरू कर दिया था।
इसके अलावा, कंपनी की कथित निगरानी नीतियों को लेकर भी विवाद सामने आए, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ गया।
पूरी टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौर
यह सिर्फ मेटा की कहानी नहीं है, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में बड़े बदलाव का हिस्सा है। हाल के महीनों में कई बड़ी कंपनियां भी बड़े पैमाने पर छंटनी कर चुकी हैं, क्योंकि AI और ऑटोमेशन तेजी से पारंपरिक नौकरियों की जगह ले रहे हैं।
एक्सपर्ट्स की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ अस्थायी मंदी नहीं, बल्कि टेक इंडस्ट्री में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव है। भविष्य में वही लोग सुरक्षित रहेंगे जो AI सिस्टम को इस्तेमाल करने के साथ-साथ उसे डिजाइन और मैनेज करना जानते हैं।
