नई तकनीक के बारे में चीन के झाओझुआंग में आयोजित New Energy Battery Industry Development Conference के दौरान जानकारी दी गई। कंपनी के मुताबिक, नई बैटरी को 10 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक चार्ज होने में सिर्फ 5 मिनट लगते हैं। वहीं, बैटरी करीब 9 मिनट में 97 प्रतिशत तक चार्ज होने का दावा किया गया है।
कंपनी ने इसी चार्जिंग क्षमता के आधार पर प्रति मिनट करीब 100 किलोमीटर की ड्राइविंग रेंज जोड़ने की बात कही है। हालांकि, वास्तविक ड्राइविंग रेंज वाहन, बैटरी क्षमता, मौसम, ड्राइविंग स्थिति और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
तेज चार्जिंग के दौरान बैटरी का गर्म होना एक महत्वपूर्ण चुनौती होती है। कम समय में बड़ी मात्रा में ऊर्जा बैटरी में पहुंचने पर थर्मल स्ट्रेस बढ़ सकता है। Sunwoda का कहना है कि उसकी नई तकनीक तेज चार्जिंग के दौरान सामान्य कमरे के तापमान पर भी बैटरी को थर्मल स्थिरता बनाए रखने में मदद करती है।
कंपनी ने कम तापमान में चार्जिंग को लेकर भी दावा किया है। Sunwoda EVB के अनुसार, नई बैटरी माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी चार्ज हो सकती है। ऐसे ठंडे मौसम में बैटरी को 10 से 97 प्रतिशत तक चार्ज होने में करीब 15 मिनट लगने का दावा किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस स्थिति में बैटरी करीब 700 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम हो सकती है।
बैटरी की लंबी उम्र को लेकर भी कंपनी ने महत्वपूर्ण दावा किया है। उसके अनुसार, नई तकनीक 10 साल या 3 लाख किलोमीटर की वारंटी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। कंपनी का कहना है कि अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग के इस्तेमाल पर अलग प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। तेज चार्जिंग और बैटरी की दीर्घायु के बीच संतुलन इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की प्रमुख तकनीकी चुनौतियों में शामिल रहा है।
Sunwoda EVB पहले से कई चीनी वाहन कंपनियों के लिए बैटरी सेल की आपूर्ति करती है। इनमें Geely, Dongfeng और GAC जैसी कंपनियां शामिल हैं। ऐसे में यदि 15C LFP तकनीक से जुड़े कंपनी के दावे व्यावहारिक रूप से सफल होते हैं, तो इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौजूदा समय में कई इलेक्ट्रिक वाहन तेज चार्जिंग तकनीक को सपोर्ट करते हैं, लेकिन उनकी चार्जिंग क्षमता और समय अलग-अलग है। Tesla के V3 और V4 Supercharger 250 kW तक की पावर दे सकते हैं। BMW की आधुनिक इलेक्ट्रिक कारें भी 250 kW तक की चार्जिंग क्षमता को सपोर्ट करती हैं, जबकि Mercedes-Benz की कुछ गाड़ियां 200 से 330 kW के बीच DC फास्ट चार्जिंग रेट देती हैं। नई 15C LFP तकनीक ऐसे मौजूदा विकल्पों के मुकाबले चार्जिंग समय को और कम करने की दिशा में एक संभावित कदम मानी जा रही है।
