अगर आपके घर में PTZ यानी Pan Tilt Zoom कैमरा लगा है और वह बिना किसी कमांड के अचानक अपनी दिशा बदलने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि कुछ कैमरों में ऑटो ट्रैकिंग और प्रीसेट जैसे फीचर होते हैं जिनकी वजह से कैमरा अपने आप घूम सकता है। इसलिए पहले कैमरे की सेटिंग जरूर जांचें। अगर कोई ऐसा बदलाव दिखाई दे जिसका कारण समझ में नहीं आ रहा है तो सुरक्षा को लेकर सतर्क होना जरूरी है।
CCTV कैमरे से जुड़े मोबाइल ऐप में लॉगिन डिवाइस की जानकारी भी देखी जा सकती है। Security Account या Device Management जैसे विकल्पों में जाकर यह जांचें कि आपके कैमरे का अकाउंट किन डिवाइस पर इस्तेमाल हो रहा है। अगर सूची में कोई ऐसा मोबाइल कंप्यूटर या अन्य डिवाइस दिखाई देता है जिसे आप पहचानते नहीं हैं तो उसे तुरंत हटाना बेहतर है। इसके बाद अकाउंट का पासवर्ड भी बदल देना चाहिए।
कैमरे की LED लाइट और ऑडियो एक्टिविटी भी कुछ संकेत दे सकती है। कुछ CCTV कैमरों में रिकॉर्डिंग या दूसरी गतिविधियों के दौरान इंडिकेटर लाइट जलती है। अगर कैमरे की लाइट सामान्य से अलग तरीके से बार बार सक्रिय हो रही है तो इसकी सेटिंग और लॉगिन हिस्ट्री जांचें। इसी तरह माइक्रोफोन या स्पीकर वाले कैमरे में अचानक अजीब आवाज सुनाई देना भी जांच का कारण हो सकता है। हालांकि हर असामान्य गतिविधि का मतलब हैक होना नहीं होता इसलिए पहले सामान्य तकनीकी कारणों को भी जांचना जरूरी है।
इंटरनेट डेटा की खपत में अचानक बदलाव भी ध्यान देने योग्य है। CCTV कैमरा लगातार वीडियो डेटा भेजता है इसलिए कुछ इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल सामान्य है। लेकिन अगर बिना किसी स्पष्ट वजह के डेटा इस्तेमाल अचानक काफी बढ़ गया है तो राउटर की Connected Devices सूची और Data Usage की जानकारी जांचें। किसी अनजान डिवाइस के नेटवर्क से जुड़े होने पर उसे ब्लॉक करें और अपने वाईफाई का पासवर्ड भी बदलने पर विचार करें।
अगर CCTV कैमरा हैक होने का संदेह हो तो सबसे पहले उसके ऐप और संबंधित अकाउंट का पासवर्ड बदलें। पासवर्ड ऐसा रखें जो मजबूत और दूसरे अकाउंट से अलग हो। जहां सुविधा उपलब्ध हो वहां Two Factor Authentication यानी 2FA जरूर सक्रिय करें। कैमरे का डिफॉल्ट यूजरनेम और पासवर्ड इस्तेमाल करने से बचें और कैमरे के फर्मवेयर तथा मोबाइल ऐप को भी समय समय पर अपडेट करते रहें। अगर समस्या बनी रहती है तो कैमरे को नेटवर्क से अलग करके निर्माता की सहायता सेवा या किसी भरोसेमंद तकनीकी विशेषज्ञ से संपर्क करना सुरक्षित कदम हो सकता है।
