मंगलवार के दिन सुबह उठकर सबसे पहले घर की साफ सफाई करना अच्छा माना जाता है। विशेष रूप से मुख्य द्वार के आसपास गंदगी या अनावश्यक सामान नहीं रखना चाहिए। वास्तु मान्यताओं में मुख्य द्वार को घर में ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान माना गया है। इसलिए मंगलवार को मुख्य दरवाजे को साफ करके वहां दीपक जलाया जा सकता है। यदि संभव हो तो दरवाजे के आसपास स्वच्छता बनाए रखते हुए शुभ चिह्न भी बनाए जा सकते हैं।
मंगलवार को घर के पूजा स्थल की सफाई करना भी शुभ माना जाता है। पूजा स्थान में लंबे समय से रखे पुराने फूल और खराब हो चुकी पूजन सामग्री को हटा देना चाहिए। इसके बाद भगवान हनुमान की पूजा कर दीपक जलाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित किया जाता है। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन को शांति और आत्मविश्वास मिलने की मान्यता है।
वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में घर के दक्षिण दिशा को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगलवार को इस दिशा में अनावश्यक कबाड़ या टूटा हुआ सामान रखने से बचने की सलाह दी जाती है। घर में यदि कोई खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आने वाली वस्तुएं पड़ी हैं तो उन्हें व्यवस्थित करना बेहतर माना जाता है। घर को साफ और व्यवस्थित रखने से सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।
मंगलवार के दिन लाल रंग को भी विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी को लाल रंग प्रिय माना जाता है। इसलिए पूजा के दौरान लाल फूल अर्पित किए जा सकते हैं। घर में बहुत अधिक लाल रंग का इस्तेमाल करने के बजाय पूजा या सजावट में सीमित रूप से लाल रंग का प्रयोग करना बेहतर माना जाता है।
इस दिन घर में क्रोध और विवाद का माहौल बनाने से बचना चाहिए। वास्तु से जुड़े उपाय केवल वस्तुओं की दिशा या स्थान बदलने तक सीमित नहीं माने जाते बल्कि घर के वातावरण और व्यवहार को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और शांतिपूर्ण व्यवहार रहने से घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है।
मंगलवार को घर में हनुमान जी की पूजा के साथ जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि सेवा और दान से मन में सकारात्मक भाव पैदा होते हैं। हालांकि वास्तु और धार्मिक उपाय आस्था पर आधारित होते हैं और इनके परिणाम की कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है। इन्हें श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ अपनाया जा सकता है।
