जून महीने की शुरुआत ही धार्मिक अनुष्ठानों के माहौल के साथ होगी। 11 जून को परमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। अधिक मास में आने वाली इस एकादशी को अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और व्यक्ति को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
इसके बाद 15 जून को सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण दान और स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है। इसी दिन पुरुषोत्तम मास का समापन भी होगा।
17 जून को रंभा तृतीया व्रत रखा जाएगा। यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए यह व्रत करती हैं जबकि अविवाहित कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की इच्छा लेकर पूजा करती हैं।
20 जून को मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर की पूजा का विशेष पर्व मनाया जाएगा। मान्यता है कि मां विंध्यवासिनी अपने भक्तों को भय और संकटों से मुक्ति दिलाती हैं। इस दिन देवी की पूजा अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
22 जून को दुर्गाष्टमी और धूमावती जयंती का पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन से 26 जून तक असम के प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर में अंबुबाची मेले का आयोजन होगा। यह मेला शक्ति साधना और देवी उपासना का सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है जहां देश विदेश से साधु संत और श्रद्धालु पहुंचते हैं।
25 जून को साल की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में शामिल निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसे भीमसेनी एकादशी और पांडव एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन बिना जल ग्रहण किए उपवास करने से सभी एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त होता है। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए यह व्रत विशेष माना गया है।
महीने के अंत में 29 जून को वट पूर्णिमा व्रत और संत कबीर दास जयंती मनाई जाएगी। वट पूर्णिमा पर सुहागन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर पति की लंबी उम्र की कामना करेंगी। वहीं संत कबीर जयंती पर देशभर में भजन सत्संग और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। पूरे जून महीने में मंदिरों में विशेष पूजा पाठ भजन कीर्तन और धार्मिक आयोजनों की धूम देखने को मिलेगी। श्रद्धालुओं के लिए यह महीना भक्ति साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है।
