ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, 5 दिसंबर 2026 की रात 10 बजकर 32 मिनट पर राहु कुंभ राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं, केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में पहुंचेंगे। बताया गया है कि दोनों ग्रह लगभग 23 जून 2028 तक इन राशियों में रहेंगे। इस तरह उनका यह गोचर करीब 18 महीने की अवधि से जुड़ा होगा। ज्योतिष में राहु को महत्वाकांक्षा, भौतिक सुख-सुविधाओं और अचानक मिलने वाले अवसरों से जोड़ा जाता है। दूसरी ओर, केतु को आध्यात्मिकता, आत्मचिंतन और वैराग्य का कारक माना जाता है। इन्हीं मान्यताओं के आधार पर ग्रहों के राशि परिवर्तन को जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में बदलाव से जोड़कर देखा जाता है।
मेष राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नौकरी करने वाले लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना जताई गई है। जिन लोगों के काम लंबे समय से अटके हुए हैं, उन्हें उन्हें आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। कारोबार करने वाले जातकों के लिए भी अपने काम का विस्तार करने और नए रास्ते तलाशने की संभावना बताई गई है। हालांकि, इस दौरान किसी भी बड़े निर्णय को जल्दबाजी में लेने के बजाय उसके संभावित फायदे और नुकसान पर विचार करना जरूरी होगा। नौकरी बदलने, नई जिम्मेदारी स्वीकार करने या कारोबार में विस्तार की योजना बनाने वाले लोगों को व्यावहारिक परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए।
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर कारोबार और विदेश से जुड़े मामलों में नए अनुभवों का संकेत दे सकता है। व्यापार करने वाले लोगों को नए संपर्क बनाने और अपने काम को आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। जो लोग विदेश में पढ़ाई करने या विदेश से जुड़े कामकाज की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी योजनाओं पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है। हालांकि, इस अवधि में किसी व्यक्ति पर बिना पूरी जानकारी के भरोसा करने और जल्दबाजी में निवेश करने से बचने की सलाह दी गई है। किसी भी कारोबारी समझौते या आर्थिक निर्णय से पहले उससे जुड़ी शर्तों और संभावित जोखिमों को समझना महत्वपूर्ण रहेगा।
सिंह राशि के जातकों के लिए केतु का राशि परिवर्तन पढ़ाई, कौशल विकास और आर्थिक मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और पढ़ाई के प्रति अनुशासित रहने की जरूरत हो सकती है। डिजिटल क्षेत्र में काम करने वाले या नए कौशल सीखने की तैयारी कर रहे लोगों को अपनी क्षमताएं बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर फैसले लेने की सलाह दी गई है। अचानक लाभ की उम्मीद में जोखिम भरे निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए धन से जुड़े निर्णय लेते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, राहु-केतु का गोचर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, इसका परिणाम हर व्यक्ति के लिए एक जैसा होने की बात नहीं मानी जाती। जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और संबंधित भावों को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए केवल राशि के आधार पर करियर, कारोबार, पढ़ाई या निवेश से जुड़े बड़े फैसले लेना उचित नहीं है। इन भविष्यवाणियों को ज्योतिषीय मान्यता के रूप में देखना चाहिए, न कि निश्चित परिणाम के रूप में।
