कर्क संक्रांति के साथ ही सूर्य का उत्तरायण काल समाप्त हो गया है और अब सूर्य दक्षिणायन हो गए हैं। आगामी छह माह तक सूर्य दक्षिणायन रहेंगे। शास्त्रों में इस अवधि को देवताओं की रात्रि कहा गया है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश से कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और शुभ फल मिलने की संभावना है।
इन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ
मेष राशि (Aries)
कर्क संक्रांति मेष राशि के जातकों के लिए शुभ संकेत लेकर आई है। आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और कारोबार बढ़ाने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। आर्थिक स्थिति भी पहले से बेहतर हो सकती है।
कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि वालों के लिए सूर्य का यह गोचर आर्थिक दृष्टि से लाभकारी माना जा रहा है। धन प्राप्ति के नए अवसर मिल सकते हैं और लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने के योग बन रहे हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी तथा परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। किसी पुराने मित्र या रिश्तेदार से मुलाकात भी लाभदायक साबित हो सकती है।
तुला राशि (Libra)
तुला राशि के नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटके सरकारी कार्य पूरे हो सकते हैं। व्यापारियों को नई डील से अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। पिता का सहयोग और मार्गदर्शन महत्वपूर्ण निर्णयों में मददगार रहेगा।
मीन राशि (Pisces)
मीन राशि के जातकों के लिए यह समय सुख और समृद्धि लेकर आ सकता है। संपत्ति या वाहन खरीदने की योजना साकार हो सकती है। परिवार में शांति और सौहार्द बना रहेगा तथा मानसिक तनाव में कमी आएगी। विद्यार्थियों को भी शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।
कर्क संक्रांति पर करें ये तीन शुभ कार्य
तिल और गंगाजल से स्नान करें
यदि पवित्र नदी में स्नान संभव न हो तो घर पर स्नान के पानी में गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करें। इसे शुभ माना गया है।
सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें
स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत और लाल पुष्प डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें तथा ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें।
अन्न, वस्त्र और उपयोगी वस्तुओं का दान करें
दक्षिणायन की शुरुआत में दान का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन जरूरतमंद लोगों या ब्राह्मणों को अन्न, विशेष रूप से सत्तू, वस्त्र, छाता अथवा मौसमी फलों का दान करना शुभ माना जाता है।
