सरल धनुरासन शरीर को धनुष के आकार में लाने वाला आसन है। यह पीठ कंधों कमर और पैरों की मांसपेशियों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। नियमित अभ्यास से शरीर की जकड़न धीरे धीरे कम होने लगती है और रीढ़ में लचीलापन बढ़ता है। यह आसन केवल शारीरिक मजबूती ही नहीं देता बल्कि मानसिक तनाव को कम करने और मन को शांत रखने में भी सहायक माना जाता है। दिनभर की थकान और तनाव के बाद इसका अभ्यास शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है।
योग विशेषज्ञ बताते हैं कि सरल धनुरासन करने के लिए सबसे पहले समतल स्थान पर योगा मैट बिछाकर पेट के बल लेट जाएं। इसके बाद दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें और हाथों से टखनों को पकड़ लें। अब गहरी सांस लेते हुए धीरे धीरे सिर छाती और घुटनों को ऊपर उठाएं। पैरों को पीछे की ओर खींचते हुए शरीर को धनुष जैसी आकृति में लाएं। इस स्थिति में कुछ सेकंड तक सामान्य सांस लेते हुए बने रहें। इसके बाद धीरे धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में लौट आएं और शरीर को आराम दें। शुरुआत में इस आसन को कम समय तक करें और धीरे धीरे अभ्यास की अवधि बढ़ाएं।
इस योगासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है शरीर का लचीलापन बढ़ता है पीठ और कंधों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं तथा रक्त संचार बेहतर होता है। यह पाचन तंत्र को सक्रिय करने में भी मदद करता है और शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है। मानसिक रूप से भी यह आसन तनाव चिंता और थकान को कम करने में उपयोगी माना जाता है जिससे व्यक्ति अधिक शांत और सकारात्मक महसूस करता है।
हालांकि किसी भी योगासन की तरह सरल धनुरासन करते समय सावधानी रखना भी जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को गंभीर कमर दर्द रीढ़ की गंभीर समस्या हर्निया उच्च रक्तचाप हाल ही में हुई सर्जरी या गर्भावस्था जैसी स्थिति हो तो बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए। अभ्यास के दौरान शरीर पर अनावश्यक दबाव डालने या झटके से ऊपर उठने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है।
योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरल धनुरासन को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए और संतुलित खानपान तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जाए तो यह शरीर और मन दोनों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। रोजाना कुछ मिनट का यह अभ्यास न केवल रीढ़ को मजबूत बनाता है बल्कि व्यक्ति को तनावमुक्त ऊर्जावान और अधिक सक्रिय जीवन जीने में भी मदद करता है।
