सामान्य प्लास्टिक के डिब्बे और पॉलीथिन को माइक्रोवेव में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। तेज गर्मी के संपर्क में आने पर प्लास्टिक पिघल सकता है और उसमें मौजूद कुछ रसायन भोजन में मिल सकते हैं। खासतौर पर ऐसे प्लास्टिक कंटेनर, जो माइक्रोवेव इस्तेमाल के लिए बनाए नहीं गए हैं, उनमें खाना गर्म करना उचित नहीं माना जाता। इसलिए प्लास्टिक के किसी भी डिब्बे को माइक्रोवेव में रखने से पहले यह जरूर जांच लें कि वह माइक्रोवेव के लिए सुरक्षित है या नहीं।
स्टील, तांबा, एल्युमिनियम फॉयल और अन्य धातु के बर्तनों का इस्तेमाल भी माइक्रोवेव में सावधानी के बिना नहीं करना चाहिए। धातु माइक्रोवेव की तरंगों को प्रतिबिंबित कर सकती है, जिससे चिंगारी निकलने का खतरा पैदा हो सकता है। इससे माइक्रोवेव के अंदर आग लगने या उसके सर्किट को नुकसान पहुंचने की स्थिति बन सकती है। इसलिए माइक्रोवेव में धातु से बनी चीजें रखने से पहले उसके इस्तेमाल से जुड़ी स्पष्ट जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
कांच और मिट्टी के बर्तनों को लेकर भी सावधानी जरूरी है। हर तरह का कांच माइक्रोवेव के लिए सुरक्षित नहीं होता। सामान्य कांच तेज गर्मी के कारण चटक सकता है, इसलिए माइक्रोवेव सेफ चिह्न वाले बोरोसिलिकेट कांच के बर्तनों का ही इस्तेमाल करना बेहतर है। इसी तरह बिना पॉलिश वाले पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों को भी माइक्रोवेव में रखने से बचना चाहिए, क्योंकि वे नमी सोख सकते हैं और गर्म होने पर टूटने का खतरा रहता है।
माइक्रोवेव के लिए सही बर्तन पहचानने का आसान तरीका यह है कि इस्तेमाल से पहले उसके तल पर बने माइक्रोवेव सेफ निशान या सिंबल को जरूर देखें। कांच, सिरेमिक और BPA-फ्री ग्रेड-5 प्लास्टिक को माइक्रोवेव के लिए सही माना जाता है, लेकिन इनके मामले में भी उत्पाद पर दिए गए निर्देशों को देखना जरूरी है। सही बर्तन का इस्तेमाल न केवल माइक्रोवेव को सुरक्षित रखने में मदद करता है, बल्कि खाना गर्म करते समय होने वाली संभावित परेशानी और हादसों के जोखिम को भी कम कर सकता है।
