बारिश के दिनों में पैर अक्सर पसीने या पानी के संपर्क में रहते हैं। जब नमी लंबे समय तक जूतों के अंदर बनी रहती है तो बैक्टीरिया और फंगस विकसित होने लगते हैं। यही सूक्ष्म जीव दुर्गंध पैदा करते हैं। यदि समय रहते जूतों की सफाई और देखभाल न की जाए तो समस्या और बढ़ सकती है।
इस परेशानी से राहत पाने के लिए महंगे उत्पादों की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों का सही तरीके से उपयोग कर जूतों की बदबू को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सबसे प्रभावी उपायों में बेकिंग सोडा शामिल है। रात में सोने से पहले जूतों के अंदर थोड़ा-सा बेकिंग सोडा छिड़कने से यह अतिरिक्त नमी और दुर्गंध को सोख लेता है। सुबह जूतों को अच्छी तरह झाड़कर साफ कर दें। इससे जूते अधिक ताजगी भरे महसूस होते हैं।
सूखी चाय की पत्ती या इस्तेमाल किए गए और अच्छी तरह सुखाए गए टी-बैग भी इस समस्या में उपयोगी साबित हो सकते हैं। इन्हें कुछ घंटों के लिए जूतों के अंदर रखने से नमी कम होती है और दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया की सक्रियता घटती है। यह तरीका विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभदायक है जो रोजाना लंबे समय तक जूते पहनते हैं।
अगर बारिश में जूते भीग गए हों तो उन्हें तुरंत सुखाना बेहद जरूरी है। इसके लिए पुराने अखबार का इस्तेमाल किया जा सकता है। अखबार को मोड़कर जूतों के अंदर भर देने से वह तेजी से नमी सोख लेता है। यदि अखबार पूरी तरह गीला हो जाए तो उसे बदलकर दूसरा सूखा अखबार रख दें। इससे जूतों के अंदर नमी जमा नहीं होती और बैक्टीरिया के पनपने की संभावना कम हो जाती है।
इसके अलावा, जब भी मौसम साफ हो और धूप निकले, जूतों को कुछ समय के लिए खुली हवा और धूप में जरूर रखें। सूर्य की किरणें प्राकृतिक रूप से नमी कम करने के साथ बैक्टीरिया और फंगस की वृद्धि को भी रोकने में मदद करती हैं। नियमित रूप से जूतों को हवा लगने देने से उनमें ताजगी बनी रहती है और दुर्गंध की समस्या दोबारा होने की संभावना कम होती है।
मानसून के दौरान जूतों की साफ-सफाई और सही देखभाल पर थोड़ा-सा ध्यान देकर बदबू की समस्या से आसानी से बचा जा सकता है। घरेलू उपाय न केवल किफायती हैं, बल्कि नियमित उपयोग से जूतों की स्वच्छता बनाए रखने और पैरों को संक्रमण से सुरक्षित रखने में भी मददगार साबित होते हैं।
