मुल्तानी मिट्टी त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी हटाने में मदद कर सकती है। चेहरे पर दिनभर धूल प्रदूषण और पसीने की वजह से जमा होने वाली गंदगी त्वचा को बेजान दिखा सकती है। ऐसे में मुल्तानी मिट्टी का फेस पैक चेहरे की सतह को साफ करने में मदद कर सकता है। इसे लगाने के बाद त्वचा कुछ समय के लिए ज्यादा साफ और फ्रेश महसूस हो सकती है।
मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करने के लिए सबसे आसान तरीका है इसे गुलाब जल के साथ मिलाकर फेस पैक तैयार करना। एक कटोरी में मुल्तानी मिट्टी लेकर उसमें जरूरत के अनुसार गुलाब जल डालें और अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर पतली परत में लगाएं और पूरी तरह सूखने से पहले सामान्य पानी से धो लें। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाना बेहतर रहता है।
अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली है तो मुल्तानी मिट्टी में थोड़ा एलोवेरा जेल मिलाया जा सकता है। इससे फेस पैक त्वचा पर लगाने में आसान हो जाता है। वहीं रूखी या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए क्योंकि यह त्वचा से तेल सोखती है और बार बार इस्तेमाल करने पर ड्राईनेस या खिंचाव बढ़ सकता है। ऐसे लोगों के लिए इसे दूध या किसी सौम्य मॉइस्चराइजिंग सामग्री के साथ मिलाने का विकल्प रखा जा सकता है लेकिन किसी भी नए मिश्रण को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।
मुल्तानी मिट्टी चेहरे की गंदगी और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद कर सकती है लेकिन इसे हर दिन इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। जरूरत से ज्यादा फेस पैक लगाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। सामान्य तौर पर सप्ताह में एक बार से शुरुआत करना बेहतर माना जा सकता है और त्वचा की प्रतिक्रिया के अनुसार इस्तेमाल की आवृत्ति तय की जा सकती है।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मुल्तानी मिट्टी किसी त्वचा रोग का इलाज नहीं है। अगर चेहरे पर लगातार मुंहासे लालिमा जलन खुजली या किसी तरह की एलर्जी की समस्या है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। किसी भी प्राकृतिक सामग्री को सुरक्षित समझकर बिना जांच के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। सही तरीके और अपनी त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखकर मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल किया जाए तो यह सामान्य स्किन केयर रूटीन का एक सरल हिस्सा बन सकती है।
