मावा गुजिया बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम तथा स्वादिष्ट होती है। इसकी भरावन में मावा, पिसी चीनी, काजू, बादाम, किशमिश और इलायची का इस्तेमाल किया जाता है। इन चीजों का मिश्रण गुजिया को पारंपरिक स्वाद के साथ खुशबूदार भी बनाता है।
गुजिया बनाने के लिए सबसे पहले मैदा तैयार किया जाता है। दो कप मैदा में करीब दो बड़े चम्मच घी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। घी और मैदा को हथेलियों के बीच रगड़कर देखें। अगर मिश्रण दबाने पर आसानी से बंधने लगे तो मोयन सही माना जा सकता है।
इसके बाद थोड़ा थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें। गुजिया का आटा बहुत नरम नहीं होना चाहिए। आटा तैयार होने के बाद उसे ढककर करीब 15 से 20 मिनट के लिए रख दें। इससे आटा बेलने के लिए अच्छी तरह तैयार हो जाता है।
अब गुजिया की भरावन तैयार करें। कड़ाही को धीमी आंच पर गर्म करके उसमें मावा डालें। मावे को लगातार चलाते हुए हल्का भूनें। इसका उद्देश्य मावे की अतिरिक्त नमी कम करना और उसकी खुशबू को उभारना है। मावा भुन जाने के बाद गैस बंद कर दें और उसे पूरी तरह ठंडा होने दें।
मावा ठंडा होने के बाद इसमें पिसी चीनी, बारीक कटे काजू और बादाम, किशमिश तथा इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। मावा गर्म रहते हुए चीनी डालने से भरावन अधिक गीली हो सकती है, इसलिए ठंडा होने के बाद ही चीनी मिलाना बेहतर रहता है।
इसके बाद तैयार आटे को बराबर हिस्सों में बांटकर छोटी छोटी लोइयां बना लें। प्रत्येक लोई को बेलकर छोटी पूरी जैसा आकार दें। पूरी को बहुत ज्यादा पतला न रखें, क्योंकि पतली परत भरावन डालते समय आसानी से फट सकती है।
अब पूरी के बीच में तैयार मावे की उचित मात्रा रखें। किनारे पर हल्का पानी लगाकर पूरी को मोड़ दें और अर्धचंद्राकार आकार में बंद करें। किनारों को उंगलियों से अच्छी तरह दबाएं, ताकि तलते समय भरावन बाहर न निकले।
कड़ाही में तेल या घी गर्म करें और गुजिया को मध्यम से धीमी आंच पर तलें। तेज आंच पर तलने से बाहरी हिस्सा जल्दी भूरा हो सकता है, जबकि अंदर की परत ठीक से नहीं सिकती। धीमी आंच पर तलने से गुजिया अच्छी तरह कुरकुरी और सुनहरी बनती है।
गुजिया सुनहरी होने के बाद उसे निकालकर अतिरिक्त तेल या घी निकलने दें। कुछ देर ठंडा होने के बाद इसे परिवार के साथ परोसा जा सकता है। ऊपर से बारीक कटे पिस्ते या बादाम डालने से इसका स्वाद और प्रस्तुति दोनों बेहतर हो सकते हैं।
खस्ता मावा गुजिया के लिए सबसे जरूरी बात आटे की सही consistency, मावे को ठंडा करना और तलते समय उचित तापमान बनाए रखना है। इन बातों का ध्यान रखकर रक्षाबंधन पर घर में स्वादिष्ट और कुरकुरी मिठाई तैयार की जा सकती है।
