ग्लिसरीन को ह्यूमेक्टेंट माना जाता है। इसका मतलब है कि यह त्वचा की सतह पर नमी बनाए रखने में मदद करता है। खासकर जिन लोगों की त्वचा रूखी रहती है उनके लिए ग्लिसरीन युक्त मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है। हालांकि चेहरे पर सीधे ग्लिसरीन लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि इसे किस तरह और किस चीज के साथ इस्तेमाल किया जाए। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी नए प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है।
अगर आप ग्लिसरीन को स्किन केयर रूटीन में शामिल करना चाहते हैं तो सबसे पहले चेहरे को किसी माइल्ड क्लींजर से साफ करें। त्वचा को जोर से रगड़ने से बचें क्योंकि इससे जलन और रूखापन बढ़ सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी चेहरे की सफाई के लिए हल्के क्लींजर और गुनगुने पानी का इस्तेमाल करने की सलाह देती है।
चेहरा साफ करने के बाद त्वचा को पूरी तरह सुखाने के बजाय हल्का नम रहने दें। इसके बाद ग्लिसरीन वाले मॉइस्चराइजर या उपयुक्त स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। नम त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाने से नमी को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। त्वचा विशेषज्ञ भी नहाने या चेहरा धोने के बाद नम त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाने की सलाह देते हैं।
ग्लिसरीन का इस्तेमाल खास तौर पर रूखी त्वचा में फायदेमंद हो सकता है। इससे त्वचा में नमी बनी रहने में मदद मिलती है और रूखापन कम महसूस हो सकता है। नियमित मॉइस्चराइजिंग से त्वचा अधिक मुलायम महसूस हो सकती है। हालांकि ग्लिसरीन को चेहरे पर लगाने से यह दावा नहीं किया जा सकता कि इससे रंग बदल जाएगा या किसी तरह की त्वचा संबंधी समस्या पूरी तरह ठीक हो जाएगी।
स्किन केयर में एक और जरूरी बात यह है कि जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट इस्तेमाल न किए जाएं। कई अलग अलग एक्टिव प्रोडक्ट एक साथ लगाने से संवेदनशील त्वचा में जलन हो सकती है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार स्किन केयर प्रोडक्ट लगाने का क्रम भी महत्वपूर्ण होता है। सामान्य तौर पर चेहरा साफ करने के बाद ट्रीटमेंट प्रोडक्ट और फिर मॉइस्चराइजर या सनस्क्रीन लगाया जाता है।
दिन के समय स्किन केयर करते हुए सनस्क्रीन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। धूप से त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है। केवल ग्लिसरीन लगाने से धूप से त्वचा की सुरक्षा नहीं होती इसलिए मॉइस्चराइजिंग के साथ सन प्रोटेक्शन भी स्किन केयर रूटीन का हिस्सा होना चाहिए।
अगर ग्लिसरीन या किसी नए स्किन केयर प्रोडक्ट को लगाने के बाद जलन लालिमा खुजली या असहजता महसूस हो तो उसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए। लगातार समस्या रहने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। खासकर बहुत संवेदनशील त्वचा या पहले से किसी त्वचा रोग से परेशान लोगों को घरेलू प्रयोग करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
इस तरह ग्लिसरीन को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने का सबसे आसान तरीका इसे किसी उपयुक्त मॉइस्चराइजर या ग्लिसरीन युक्त प्रोडक्ट के रूप में इस्तेमाल करना है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है और रूखी त्वचा को मुलायम महसूस कराने में उपयोगी हो सकता है।
