सूफ़ले शब्द फ्रेंच भाषा के “Souffler” से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है “फूलना” या “उभरना”। यह डिश ओवन में बेक होने के दौरान ऊपर की ओर फूलती है, इसी कारण इसे यह नाम दिया गया। चीज़ सूफ़ले मुख्य रूप से अंडे, चीज़, मक्खन, दूध और मैदा से बनाया जाता है। इसका बाहरी हिस्सा हल्का कुरकुरा जबकि अंदर का भाग बेहद नरम और स्पंजी होता है।
इतिहासकारों के अनुसार, सूफ़ले की शुरुआत 18वीं शताब्दी में फ्रांस में हुई थी। माना जाता है कि प्रसिद्ध फ्रेंच शेफ विंसेंट ला शापेल ने पहली बार सूफ़ले बनाने की तकनीक विकसित की थी। बाद में 19वीं शताब्दी में मशहूर फ्रेंच शेफ मैरी-एंटोइन कारेम ने इसे और लोकप्रिय बनाया। उन्होंने सूफ़ले को फ्रेंच हाई-कुज़ीन यानी उच्च स्तर की पाक कला का हिस्सा बना दिया। धीरे-धीरे यह डिश यूरोप और फिर दुनिया के कई देशों में प्रसिद्ध हो गई।
राष्ट्रीय चीज़ सूफ़ले दिवस कब शुरू हुआ, इसे लेकर कोई आधिकारिक ऐतिहासिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, लेकिन अमेरिका में “नेशनल फूड डे” की परंपरा के तहत इसे 18 मई को मनाया जाने लगा। इसका उद्देश्य लोगों को अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों और खास खाद्य परंपराओं से जोड़ना था। समय के साथ यह दिन सोशल मीडिया, होटल इंडस्ट्री और फूड लवर्स के बीच लोकप्रिय हो गया।
इस अवसर पर कई रेस्तरां, होटल और बेकरी विशेष चीज़ सूफ़ले तैयार करते हैं। फूड ब्लॉगर और शेफ भी नए फ्लेवर और रेसिपी के जरिए लोगों को आकर्षित करते हैं। कई लोग घरों में भी इसे बनाने की कोशिश करते हैं, हालांकि इसे तैयार करना आसान नहीं माना जाता। सही तापमान, अंडे की फेंटाई और बेकिंग तकनीक इसमें बेहद महत्वपूर्ण होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीज़ सूफ़ले केवल एक डिश नहीं, बल्कि पाक कला की बारीकी और धैर्य का उदाहरण है। इसे बनाने में छोटी सी गलती भी इसका टेक्सचर खराब कर सकती है। यही कारण है कि इसे फ्रेंच कुकिंग की सबसे चुनौतीपूर्ण लेकिन शानदार रेसिपी में गिना जाता है।
राष्ट्रीय चीज़ सूफ़ले दिवस लोगों को यह संदेश भी देता है कि भोजन केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इतिहास, संस्कृति और कला से भी जुड़ा होता है। यह दिन दुनियाभर की खाद्य परंपराओं को समझने और नए स्वादों का आनंद लेने का अवसर बन चुका है।
