नई दिल्ली। लद्दाख में सड़क बंद होने को लेकर सुरक्षाकर्मियों से बहस करने वाली 25 वर्षीय युवती का वीडियो वायरल होने के बाद अब उसने अपने बयान पर माफी मांगी है। युवती ने भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और लद्दाख पुलिस से खेद जताते हुए कहा कि लंबे समय तक सड़क पर फंसे रहने, जानकारी नहीं मिलने और तनाव के कारण उसने गुस्से में ऐसी बातें कह दी थीं, जिन पर अब उसे पछतावा है।
कई घंटे इंतजार के बाद बढ़ी नाराजगी
युवती के मुताबिक, वह लद्दाख से दिल्ली लौट रही थी और रास्ते में कई घंटे तक फंसी रही। उसे यह स्पष्ट जानकारी नहीं थी कि सड़क क्यों बंद की गई है। शुरुआत में उसे करीब तीन-चार घंटे इंतजार करना पड़ा। बाद में जब उसने एक सुरक्षाकर्मी से रास्ता खुलने के बारे में पूछा तो करीब एक घंटे और रुकने के लिए कहा गया, लेकिन तय समय के बाद भी आवाजाही शुरू नहीं हुई।
इसी दौरान उसकी बेचैनी बढ़ती गई। युवती ने बताया कि वह खुद को अस्वस्थ भी महसूस कर रही थी और लंबे इंतजार के दौरान शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी आसानी से उपलब्ध नहीं थीं।
कारगिल विजय दिवस के चलते लगाया गया था प्रतिबंध
लद्दाख पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो 26 जुलाई के आसपास का है। कारगिल विजय दिवस के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत द्रास इलाके में मिनिमर्ग चेक पोस्ट के पास कुछ समय के लिए यातायात रोका गया था। मिनिमर्ग-जोजिला-सोनमर्ग मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित होने से बड़ी संख्या में यात्री फंस गए थे।
युवती का कहना है कि उसे और वहां मौजूद अन्य यात्रियों को अगर पहले से रास्ता बंद होने की वजह और अनुमानित समय की जानकारी मिल जाती तो शायद स्थिति इतनी तनावपूर्ण नहीं होती।
वायरल वीडियो में बोली थी- ‘हम Gen-Z हैं’
वायरल वीडियो में युवती सुरक्षाकर्मियों से बहस करती नजर आई थी। वह सवाल कर रही थी कि आम यात्रियों को रोका जा रहा है तो कुछ लोगों को आगे जाने की अनुमति क्यों दी जा रही है। इसी दौरान उसने वीआईपी मूवमेंट को लेकर भी सवाल उठाया और कहा था कि ‘हम Gen-Z हैं और इस तरह की चीजें बर्दाश्त नहीं करेंगे।’
उसने वहां मौजूद लोगों से विरोध में बैठने और आगे बढ़ने की अपील भी की थी। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर युवती के इस रवैये को लेकर काफी बहस हुई थी।
युवती ने कहा- वीडियो में पूरी घटना नहीं दिखी
अब अपनी सफाई में युवती ने दावा किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो पूरी घटना का केवल एक छोटा हिस्सा है। उसके मुताबिक, करीब छह घंटे तक इंतजार करने के बाद आगे की तरफ से शोर सुनाई दिया। वहां आम यात्रियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद की जानकारी मिलने पर वह भी उस ओर चली गई।
इसी दौरान भीड़ में फंसने के बाद उसने सुरक्षाकर्मियों से बहस शुरू कर दी। युवती ने कहा कि उस समय वह शारीरिक और मानसिक रूप से काफी परेशान थी और इसी वजह से अपना आपा खो बैठी।
‘गुस्से में जो कहा, वह गलत था’
युवती ने अपने वायरल बयान को सही ठहराने से इनकार किया। उसने कहा कि गुस्से और तनाव में उसके मुंह से जो शब्द निकले, वे गलत थे। उसका कहना है कि उसका भारतीय सेना या पुलिस का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था।
उसने कहा कि वह भारतीय सेना का सम्मान करती है और उसे इस बात का अफसोस है कि उसकी बातों से जवानों और अन्य लोगों को ठेस पहुंची।
वायरल होने के बाद मानसिक परेशानी का भी किया जिक्र
युवती ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद उसके लिए हालात बेहद मुश्किल हो गए। उसने कहा कि उसे उम्मीद नहीं थी कि कुछ मिनट की घटना सोशल मीडिया पर इतनी बड़ी चर्चा बन जाएगी। उसके मुताबिक, वीडियो के सामने आने के बाद उसे काफी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
उसने खुद को एक सामान्य 25 वर्षीय लड़की बताते हुए कहा कि उसका मकसद न तो प्रसिद्धि हासिल करना था और न ही किसी संस्था या व्यक्ति का अपमान करना।
सेना, पुलिस और उमर अब्दुल्ला से मांगी माफी
युवती ने अपनी बातों के लिए देश के लोगों से भी माफी मांगी। उसने भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और लद्दाख पुलिस से खेद जताया। इसके अलावा उसने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का भी नाम लेते हुए कहा कि उसे अफसोस है कि उसकी वजह से इतने लोग आहत हुए।
उसने कहा कि उसे अपने शब्दों पर शर्मिंदगी है और वह नहीं चाहती थी कि उसके गुस्से को सेना या पुलिस के खिलाफ बयान के तौर पर देखा जाए।
‘Gen-Z’ वाला बयान कैसे निकला?
युवती के मुताबिक, वायरल वीडियो में ‘Gen-Z’ कहने के पीछे कोई आंदोलन या विशेष संदेश देने की योजना नहीं थी। उसका दावा है कि उस समय उसके पीछे खड़े कुछ लोग लगातार उसे उकसा रहे थे और वहां मौजूद लोग अपने साथ हुई परेशानियों के बारे में बात कर रहे थे।
इसी माहौल और गुस्से में उसके मुंह से ‘हम Gen-Z हैं’ वाली बात निकल गई। उसने स्पष्ट किया कि उसका जेन-जी के नाम पर कोई आंदोलन खड़ा करने का इरादा नहीं था।
‘पहले से पता होता तो शायद स्थिति अलग होती’
युवती ने कहा कि उसे पहले से यह जानकारी नहीं थी कि इलाके में वीआईपी मूवमेंट की वजह से रास्ता बंद किया जाएगा। अगर यात्रियों को समय रहते सही जानकारी दी जाती तो शायद इतनी नाराजगी पैदा नहीं होती।
अब माफी मांगने के बाद युवती ने एक बार फिर कहा है कि वह उस समय बेहद परेशान और गुस्से में थी, लेकिन जिस भाषा का उसने इस्तेमाल किया, उसे वह गलत मानती है।
