नई दिल्ली । उत्तराखंड में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदला कि हरिद्वार से लेकर ऊधम सिंह नगर तक लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार 9 अक्टूबर को तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया। आसमान से गिरे बड़े-बड़े ओलों की वजह से कई गाड़ियों और मकानों के शीशे टूट गए जबकि सोलर पैनलों को भी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसलें और कृषि उपज प्रभावित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। अचानक बदले मौसम के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक बढ़ गई। ओलावृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को तत्काल सर्वे करने के निर्देश दिए।
हरिद्वार में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में काले बादल छा गए और बिजली की कड़कड़ाहट के साथ बारिश शुरू हो गई। शुरुआत में बारिश की रफ्तार कम रही लेकिन कुछ ही देर में इसकी तीव्रता बढ़ने लगी। बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरने लगे। शहर से लेकर आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी ओलावृष्टि का असर देखने को मिला। अचानक हुई इस मौसमी घटना से लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। कई जगह खड़े वाहनों के शीशे टूट गए जबकि मकानों की खिड़कियों और सोलर पैनलों को भी नुकसान पहुंचा। तेज बारिश और ओलों के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। मौसम में आए बदलाव के बाद तापमान नीचे जाने से ठंडक भी बढ़ गई।
हरिद्वार के अलावा ऊधम सिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। इसका असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है और किसानों की फसलों तथा कृषि उपज को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अचानक हुई ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं। फसल को नुकसान होने से उनकी आमदनी पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि प्रभावित खेतों और संपत्तियों को हुए कुल नुकसान की वास्तविक तस्वीर विस्तृत सर्वेक्षण के बाद ही सामने आएगी। ऐसे में प्रशासन के सामने प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द नुकसान का आकलन करने और जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने की चुनौती है।
ओलावृष्टि से नुकसान की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल प्रभावित क्षेत्र का रुख किया। मुख्यमंत्री शुक्रवार को हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में ओलावृष्टि और उससे हुए नुकसान की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अपना हेलिकॉप्टर प्रभावित क्षेत्र की ओर मोड़ दिया। मुख्यमंत्री ने पहले हवाई सर्वेक्षण के जरिए हालात का जायजा लिया और फिर जमीन पर पहुंचकर प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने नुकसान का सही आकलन कर निर्धारित समय के भीतर किसानों तक राहत पहुंचाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। धामी ने भरोसा दिलाया कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और प्रभावित लोगों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
दूसरी ओर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भी ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर चिंता जताई है। उन्होंने हरिद्वार समेत प्रभावित क्षेत्रों में फसलों सब्जियों और संपत्तियों को हुए नुकसान का सही आकलन कराने की मांग की। साथ ही जिन लोगों को अधिक नुकसान हुआ है उन्हें उचित मुआवजा और सहायता देने की अपील की। अब प्रभावित लोगों की नजर प्रशासनिक सर्वेक्षण और राहत संबंधी फैसलों पर है।
