इधर, चुनाव नतीजों के बाद शुरू हुई हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही। कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में मंगलवार रात हालात उस वक्त बिगड़ गए जब उग्र भीड़ ने टीएमसी के पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर चला दिया। इस दौरान आसपास की दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। टीएमसी ने इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा और इसे ‘परिवर्तन की असल तस्वीर’ बताया। वहीं विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नॉर्थ 24 परगना के संदेशखाली में हुई घटना से भी लगाया जा सकता है, जहां गश्त कर रही पुलिस और केंद्रीय बलों पर हमला कर दिया गया। उपद्रवियों की फायरिंग में पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जिनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल है। मौके से बम से भरा बैग मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
इस बीच, बंगाल की सियासत के साथ-साथ दक्षिण भारत में भी बड़ा राजनीतिक मोड़ देखने को मिला है। तमिलनाडु में कांग्रेस ने बड़ा दांव खेलते हुए TVK प्रमुख विजय को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने खुद उनके मुख्यालय पहुंचकर समर्थन पत्र सौंपा, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में नई राजनीतिक धुरी बनने की कोशिश हो रही है। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस ने इसके साथ ही DMK से अपना पुराना गठबंधन भी तोड़ दिया है।
हालांकि, तमिलनाडु में अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। TVK और AIADMK के बीच संभावित गठबंधन को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। पार्टी नेताओं की मुलाकातों ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह तय होगा कि विजय किसके साथ मिलकर सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
कुल मिलाकर, एक तरफ बंगाल हिंसा और राजनीतिक टकराव की आग में झुलस रहा है, तो दूसरी तरफ तमिलनाडु में सत्ता समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। देश की राजनीति इस वक्त एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां हर दिन नई घटनाएं और नए गठबंधन तस्वीर को और दिलचस्प बना रहे हैं।
