मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई की। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने शिकायतकर्ता के साथ-साथ CBI और ED को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की आगे की प्रक्रिया पर विचार करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही को फिलहाल टालने का निर्देश दिया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने पहले आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से संबंधित मामले में CBI और ED से जांच कराने का आदेश दिया था। इसी आदेश के खिलाफ राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया। याचिका में हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए जांच एजेंसियों को दिए गए निर्देशों की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि वह इस मामले के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करना चाहता है। अदालत ने विशेष रूप से इस बात पर विचार करने की जरूरत बताई कि जांच एजेंसियों को कार्रवाई के लिए किस प्रक्रिया के तहत निर्देश दिए गए। अदालत ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में प्राकृतिक न्याय और निष्पक्षता के सिद्धांतों का पालन महत्वपूर्ण है।
पीठ ने इलाहाबाद हाई कोर्ट से 20 अगस्त को प्रस्तावित सुनवाई को फिलहाल टालने को कहा है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि राहुल गांधी की याचिका की प्रति शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई जाए, ताकि संबंधित पक्ष मामले में अपना पक्ष रख सकें। इस निर्देश के बाद हाई कोर्ट में होने वाली अगली कार्यवाही पर भी फिलहाल विराम लग गया है।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से मिली यह राहत फिलहाल अंतरिम प्रकृति की है। इसका अर्थ यह नहीं है कि आय से अधिक संपत्ति से जुड़े आरोपों पर अंतिम निर्णय हो गया है। अदालत ने अभी केवल जांच और संबंधित न्यायिक कार्यवाही को लेकर अंतरिम स्तर पर हस्तक्षेप किया है तथा मामले में आगे की सुनवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
मामले में CBI और ED को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब दोनों जांच एजेंसियों के साथ शिकायतकर्ता का पक्ष भी अदालत के सामने आएगा। सुप्रीम कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि हाई कोर्ट द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने की प्रक्रिया कानूनी और न्यायिक मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
राहुल गांधी के लिए यह आदेश फिलहाल महत्वपूर्ण कानूनी राहत माना जा रहा है, क्योंकि जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाई है। हालांकि मामले की अंतिम दिशा सर्वोच्च अदालत में होने वाली आगामी सुनवाई और उसके बाद दिए जाने वाले आदेश पर निर्भर करेगी।
