नई दिल्ली । राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन दिल्ली से गुजरात के केवड़िया ले जाने के फैसले को लेकर सियासत गरमा गई है। शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार के इस निर्णय की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि गुजरात और देश के बाकी हिस्सों के बीच एक तरह की दीवार खड़ी करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, पार्टी सांसद संजय राउत ने भी समारोह को लेकर सवाल उठाते हुए कलाकारों से इसके बहिष्कार की अपील की है।
उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का स्थान बदले जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि इस तरह के राष्ट्रीय कार्यक्रम मुंबई, कोलकाता, बंगलूरू और देश के दूसरे राज्यों की राजधानियों में क्यों नहीं आयोजित किए जा सकते। उन्होंने कहा कि गुजरात और देश के बाकी हिस्सों के बीच दीवार बनाने की कोशिश क्यों की जा रही है, इसका जवाब भारतीय जनता पार्टी से मांगा जाना चाहिए।
उद्धव ठाकरे के बाद सांसद संजय राउत ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल गुजरात के प्रधानमंत्री हैं। राउत ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देश का राष्ट्रीय कार्यक्रम है और ऐसे में लोगों की स्वाभाविक उम्मीद होगी कि इसका आयोजन देश की राजधानी में किया जाए।
संजय राउत ने समारोह को गुजरात ले जाने के फैसले पर सवाल करते हुए पूछा कि क्या यह वाइब्रेंट गुजरात का कार्यक्रम है। उन्होंने इस विचार के पीछे के लोगों के लिए तीखी भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ तक कहा।
राउत ने दावा किया कि गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का स्थान बदला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से देश की राजधानी और राष्ट्रीय पुरस्कारों की अहमियत कम करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कलाकारों से गुजरात नहीं जाने की अपील करते हुए कहा कि देश पर गर्व करने वाले कलाकार पुरस्कार लेने से इनकार कर दें।
अधिकारियों के अनुसार, 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह अब दिल्ली के बजाय गुजरात के केवड़िया में आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 सितंबर को समारोह में विजेताओं को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। समारोह का स्थान बदलने के फैसले ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है और विपक्षी नेताओं ने इसे लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
केवड़िया, जिसे अब एकता नगर के नाम से जाना जाता है, गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थित है, जिसे ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के नाम से जाना जाता है। प्रतिमा की ऊंचाई 597 फीट है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में इसका उद्घाटन किया था।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी। पहली बार पुरस्कार समारोह दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया था। इसके बाद ज्यादातर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह विज्ञान भवन में ही होते रहे हैं। हालांकि, यह परंपरा पूरी तरह दिल्ली तक सीमित नहीं रही है। कुछ मौकों पर समारोह देश के दूसरे शहरों में भी आयोजित किए गए हैं। वर्ष 1971 में 17वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह चेन्नई में आयोजित किया गया था।
