जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार, दोनों भाइयों ने अभय तिवारी के लिए एजेंट के तौर पर काम करने वाले बुद्धेश्वर भगत के माध्यम से परीक्षा में सेटिंग कराई थी। आरोप है कि ओएमआर शीट में हेरफेर के जरिए उन्हें 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण कराया गया। बुद्धेश्वर भगत की गिरफ्तारी के बाद उससे 11 अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद इन सभी अभ्यर्थियों को जांच के दायरे में रखा गया। इनमें कपिल कुमार महतो, संतोष कुमार, वंदना कुमारी, दिलीप कुमार राणा, ओमप्रकाश राणा, शिवम सिंह, पवन कुमार मुंडा, राकी सचिन लकड़ा, रोशन केरकेट्टा और उमांकांत उरांव के नाम शामिल हैं।
इस मामले में रोशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है और उनसे पूछताछ भी की जा चुकी है। शनिवार की कार्रवाई के बाद हजारीबाग से गिरफ्तार किए गए सफल अभ्यर्थियों की संख्या तीन हो गई है। जेपीएससी मेधा घोटाले की जांच में अब तक कुल 27 आरोपितों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इनमें नौ ऐसे अभ्यर्थी शामिल हैं, जिन्होंने विभिन्न परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी। गिरफ्तार सफल अभ्यर्थियों में हजारीबाग के सुमन सौरभ, दीपक राणा और ओमप्रकाश राणा, लोहरदगा के उमाकांत उरांव, रांची के रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार, उत्तर प्रदेश के रक्षक सिंह तथा एफआरओ और एसीएफ परीक्षा में सफल ऋतिक रौशन और पंकज प्रसून्न शामिल हैं।
इसी जांच से जुड़े सीजीएल पेपर लीक मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके एजेंट दिलीप पासवान को तीन दिनों की रिमांड पर लिया गया है। उसे 14 सितंबर को पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया था। जांच में यह बात सामने आई है कि सीजीएल परीक्षा से पहले दिलीप पासवान ने अभ्यर्थियों को आसनसोल के एक होटल में ठहराया था और उन्हें प्रश्नोत्तर रटवाए थे। शनिवार को जांच टीम ने 20 सफल अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की। इसके अलावा जेपीएससी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली के मामले में जेल में बंद आयोग के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल ख्यांग्ते ने जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है।
एल ख्यांग्ते को इस मामले में तीन दिनों तक पूछताछ के बाद 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने इससे पहले रांची सिविल कोर्ट स्थित सीआईडी कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद अब उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत की मांग की है। जेपीएससी परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच में गिरफ्तारियों और पूछताछ का सिलसिला जारी है।
