छोटी-छोटी बातों पर बर्बरता के आरोप
पीड़ित बच्चों के परिजनों के अनुसार, स्कूल के हेड मास्टर मासूम बच्चों से अपने व्यक्तिगत और गैर-शैक्षणिक काम करवाते थे. आरोप है कि अगर कोई स्टूडेंट उन्हें ‘गुड मॉर्निंग’ बोलना भूल जाता था, तो उसकी बेरहमी से पिटाई की जाती थी. इसके अलावा, हेड मास्टर बच्चों से अपनी निजी गाड़ी धुलवाता और टॉयलेट में पानी डालने जैसे काम भी जबरन करवाते थे. इन कामों को करने में जरा सी भी चूक होने पर बच्चों को बेरहमी से प्रताड़ित किया जाता था.
परिजनों ने एसडीएम से की शिकायत
जब बच्चों ने अपने साथ हो रही इस बर्बरता की जानकारी घर पर दी, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. घटना से आक्रोशित परिजनों ने एसडीएम पुरवा से मुलाकात कर आरोपी हेड मास्टर के खिलाफ शिकायत की. परिजनों ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए आरोपी हेड मास्टर के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाने की मांग की है. एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित माहौल देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन मदारपुर जूनियर स्कूल की इस घटना ने सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है. स्कूल में शिक्षा लेने जाने वाले मासूमों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न केवल उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है, बल्कि उनके मन में शिक्षा के प्रति खौफ भी पैदा करता है. फिलहाल, इस वायरल वीडियो और परिजनों की शिकायत के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) स्तर पर क्या कार्रवाई होती है ये देखने वाली बात होगी.
