नई दिल्ली: महाराष्ट्र में 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन की समयसीमा खत्म होते ही सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। दोनों गठबंधनों के असंतुष्ट दावेदारों ने अपने ही दलों के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ नामांकन दाखिल किया है। इसके साथ ही गठबंधन में शामिल दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर भी मतभेद दिखाई दिए हैं। कुछ जगहों पर सहयोगी दलों ने एक-दूसरे की सीट पर दावा करते हुए अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं।
78 सदस्यीय महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए यह द्विवार्षिक चुनाव हो रहा है। इनमें पुणे संभाग स्नातक, नागपुर संभाग स्नातक, पुणे संभाग शिक्षक, छत्रपति संभाजीनगर संभाग स्नातक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। वहीं, एमवीए में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) शामिल हैं।
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने सुधाकर कोहले को मैदान में उतारा है। हालांकि, भाजपा के भीतर भी असंतोष सामने आया है। पार्टी के पूर्व विधान परिषद सदस्य अनिल सोले ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। इससे इस सीट पर मुकाबला गठबंधन के अंदरूनी समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो गया है।
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने अदिति पोहरे को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, महायुति की ओर से शिवसेना के मौजूदा विधान परिषद सदस्य किरण सरनाइक चुनाव मैदान में हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के उम्मीदवार के बावजूद शिवसेना (यूबीटी) ने दत्तात्रेय लहाने को भी उम्मीदवार बनाया है। शिवसेना (यूबीटी) की ओर से छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर दिलीप घुगे को भी उम्मीदवार बनाया गया है।
पुणे स्नातक सीट से भाजपा की स्मिता जाधव ने नामांकन दाखिल किया है। वह ‘पुधारी’ समूह के अध्यक्ष एवं संपादक योगेश जाधव की पत्नी हैं। इसी तरह पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के कौस्तुभ गावड़े ने नामांकन दाखिल किया है। उनकी सहयोगी शिवसेना के मंगेश चिवटे ने भी इसी सीट से नामांकन दाखिल किया है। इससे महायुति के भीतर भी सीट को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में सीट बंटवारे का मुद्दा गठबंधन सहयोगियों के बीच बातचीत से सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राकांपा के पास छत्रपति संभाजीनगर स्नातक और पुणे स्नातक, दो सीटें थीं और पार्टी को उम्मीद थी कि पुणे सीट उसे मिलेगी। तटकरे के मुताबिक इस मुद्दे पर पहले पार्टी के भीतर चर्चा होगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री तथा भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस से भी बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान बातचीत और आपसी सौहार्द से निकाला जा सकता है।
