‘PM का अपमान नहीं सह सकते, पुलिस की तैयारी पुख्ता हो’
समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में प्रदर्शन कर रहे एक युवक ने कहा कि वे प्रधानमंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते, इसलिए सड़कों पर उतरे हैं। उसने कहा कि पुलिस की तैयारियां इतनी पुख्ता होनी चाहिए कि विरोध करने वाले यहां न पहुंच सकें। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि सरकार प्रदर्शन की अनुमति नहीं देगी और कहा कि अब ‘कॉकरोचों’ का अंतिम समय आ गया है।
एक अन्य युवक ने कहा कि शुक्रवार को उनके साथ जो हुआ, वैसा ही व्यवहार अगले दिन बड़ी संख्या में आने वाले प्रदर्शनकारियों के साथ भी होना चाहिए। उसने दावा किया कि 10 अक्टूबर को दो लाख लोगों की भीड़ जुट सकती है और तब प्रशासन की कार्रवाई देखी जाएगी।
विपक्ष पर अमर्यादित टिप्पणियां करने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने विपक्षी दलों पर लगातार इस्तीफे की मांग करने और नेताओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। एक युवक ने कहा कि विपक्ष हर मुद्दे पर किसी न किसी का इस्तीफा मांगने लगता है। उसके मुताबिक, अगर कोई देश के लिए अच्छा काम करेगा, तो विपक्ष एक दिन उसका भी इस्तीफा मांगने लगेगा।
प्रदर्शनकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। उसने मांग की कि विपक्षी दलों के प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और जंतर-मंतर का भी किया जिक्र
प्रदर्शन में शामिल एक अन्य व्यक्ति ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का उल्लेख करते हुए जंतर-मंतर पर चल रही गतिविधियों पर सवाल उठाए। उसने आरोप लगाया कि कभी शिक्षा मंत्री तो कभी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा जा रहा है। प्रदर्शनकारी ने आशंका जताई कि आगे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग भी की जा सकती है।
उसने कहा कि उनका समूह 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ एकत्र हुआ है और चाहता है कि यह प्रदर्शन न हो।
‘देश का मजाक बनाया जा रहा है’
‘लाल हिट जनता पार्टी’ के बैनर तले प्रदर्शन करने पहुंचे एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उनका समूह पुलिस के समर्थन में प्रदर्शन करने आया है, लेकिन उसे अनुमति नहीं दी जा रही है। उसने एक महिला के रोने वाले वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि घटना को देखकर उन्हें गुस्सा आया है और वे पुलिस को इस तरह की स्थिति में नहीं देख सकते।
उसने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का अपमान किया जा रहा है और देश में कहीं भी किसी के इस्तीफे की मांग उठने लगती है। प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे देश के मुखिया का अपमान सहन नहीं करेंगे और आगे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।
फिलहाल, प्रदर्शनकारियों की ये टिप्पणियां विपक्षी दलों के खिलाफ उनके विरोध और नाराजगी को दर्शाती हैं। प्रदर्शन की अनुमति और नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना भी जरूरी है।
