AAP की ओर से कहा गया है कि जब राज्य में पहले से ही भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, तो इसके बावजूद इस तरह की हत्या होना कई सवाल खड़े करता है। पार्टी ने पूछा है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में तैनात सुरक्षा बलों के बावजूद यह गोलीबारी कैसे हुई और जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी।
यह घटना उस समय हुई जब चंद्रनाथ रथ अपनी कार से यात्रा कर रहे थे और अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। गोलीबारी में उनकी मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। पुलिस ने इसे सुनियोजित हमला मानते हुए जांच शुरू कर दी है और कई एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है।
हत्या के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अलग-अलग राजनीतिक दल इस घटना को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। कुछ इसे कानून व्यवस्था की विफलता बता रहे हैं तो कुछ इसे राजनीतिक साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। इस बीच इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार जांच में जुटी है।
AAP ने अपने बयान में यह भी कहा है कि अगर देश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती, तो इस तरह की घटनाएं नहीं होतीं। पार्टी ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह घटना अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है।
