जानकारी के मुताबिक, यह बातचीत 18 सितंबर की दोपहर करीब 2:30 बजे हुई थी। इसके कुछ घंटे बाद शाम के समय साहिल ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस बातचीत को साहिल की किसी व्यक्ति से हुई आखिरी बातचीत बताया जा रहा है। सामने आई जानकारी के अनुसार, इस दौरान साहिल ने जातिगत भेदभाव का कोई जिक्र नहीं किया था।
साहिल की मौत से कुछ घंटे पहले परीक्षा को लेकर भी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ था। बताया गया है कि सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल को कथित तौर पर मोबाइल फोन पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद परीक्षा से जुड़ी स्थिति को लेकर साहिल और महिला मित्र के बीच बातचीत हुई थी। इसी बातचीत में उन्होंने परीक्षा ठीक नहीं जाने की बात कही थी।
साहिल की मौत की खबर मिलने के बाद उनकी महिला मित्र की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि खबर सुनने के बाद उन्हें पैनिक अटैक आया, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले की जांच कर रही पुलिस ने महिला मित्र का बयान भी दर्ज किया है। आखिरी बातचीत से जुड़े तथ्यों को जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।
साहिल की मौत के बाद मामले की जांच को लेकर संस्थान स्तर पर भी कई कदम उठाए गए हैं। निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से उस परीक्षा में निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को छुट्टी पर भेज दिया गया है। वह उसी परीक्षा में इनविजिलेटर थे, जिसमें साहिल को मोबाइल फोन के इस्तेमाल के मामले में पकड़े जाने की बात सामने आई है।
मामले की विस्तृत जांच के लिए 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। समिति की अध्यक्षता आईआईटी पलक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं। इसमें छात्रों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
जांच समिति ने परीक्षा के दौरान की घटनाओं को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही उस कमरे में मौजूद छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में परीक्षा के दौरान की परिस्थितियों, साहिल की आखिरी बातचीत और उनकी मौत से पहले हुए घटनाक्रम को अलग-अलग पहलुओं से देखा जा रहा है।
साहिल की मौत के बाद जातिगत भेदभाव से जुड़े आरोपों और परीक्षा से संबंधित घटनाओं को लेकर अलग-अलग चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, आखिरी बातचीत के संबंध में सामने आई जानकारी में परीक्षा को लेकर बातचीत का उल्लेख है और उसमें जातिगत भेदभाव की चर्चा नहीं होने की बात कही गई है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ सीसीटीवी फुटेज, छात्रों के बयान और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
