प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल कर उन्होंने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई। 10 जून 2026 को वह प्रधानमंत्री पद पर लगातार 4,399 दिन पूरे कर लेंगे, जो किसी भी निर्वाचित भारतीय प्रधानमंत्री का सबसे लंबा निरंतर कार्यकाल होगा।
अब तक यह रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम दर्ज था। स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में नेहरू ने लगभग 16 वर्षों तक लगातार देश का नेतृत्व किया था। उन्होंने 1952, 1957 और 1962 के आम चुनावों में जीत के बाद लगातार प्रधानमंत्री पद संभाला और अपने निधन तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया। उनका निर्वाचित कार्यकाल 4,398 दिनों का माना जाता है, जिसे अब मोदी पीछे छोड़ने जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह उपलब्धि केवल कार्यकाल की अवधि तक सीमित नहीं है, बल्कि लगातार तीन आम चुनावों में जनता से मिले जनादेश को भी दर्शाती है। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही अपनी पार्टी को लगातार तीन लोकसभा चुनावों में जीत दिलाने के मामले में नेहरू की बराबरी कर चुके हैं। भारतीय लोकतंत्र में यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि लंबे समय तक जनता का भरोसा बनाए रखना किसी भी राजनीतिक नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती होती है।
इससे पहले जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi के सबसे लंबे निरंतर कार्यकाल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया था। इंदिरा गांधी ने 1966 से 1977 तक लगातार प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया था। उनका यह रिकॉर्ड लंबे समय तक भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मानक माना जाता रहा।
मोदी की राजनीतिक यात्रा भी भारतीय राजनीति में एक अलग पहचान रखती है। वह स्वतंत्रता के बाद जन्म लेने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। इसके अलावा वह देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी बन चुके हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लंबे कार्यकाल के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा और 2014 में केंद्र की सत्ता संभाली।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड भारत की बदलती राजनीतिक संरचना और मतदाताओं की प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है। पिछले एक दशक में केंद्र सरकार की नीतियों, विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विस्तार, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका ने प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक पहचान को मजबूत किया है। वहीं विपक्ष लगातार सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता रहा है, जिससे लोकतांत्रिक बहस भी मजबूत हुई है।
भारतीय राजनीति के इतिहास में लंबे कार्यकाल वाले नेताओं की सूची में नेहरू, इंदिरा गांधी और मोदी जैसे नाम प्रमुख रहे हैं। अब 10 जून को मोदी के नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज होने जा रही है, जो आने वाले वर्षों में भारतीय लोकतंत्र और राजनीतिक इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों में शामिल रहेगी।
