यह नई टाउनशिप आगरा और अलीगढ़ के बीच रणनीतिक स्थान पर विकसित होगी, जिससे दोनों शहरों के साथ-साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली तक बेहतर संपर्क स्थापित होगा। प्रस्तावित अर्बन सेंटर के लिए हजारों एकड़ भूमि चिन्हित की गई है और इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में बड़े क्षेत्रफल में आधुनिक आवासीय और औद्योगिक ढांचा तैयार करने की योजना बनाई गई है।
परियोजना के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र की भविष्य की आबादी, औद्योगिक आवश्यकताओं, परिवहन व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं का व्यापक अध्ययन शामिल होगा। आधुनिक जीआईएस आधारित योजना के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शहर का विस्तार व्यवस्थित, टिकाऊ और दीर्घकालिक जरूरतों के अनुरूप हो।
प्रस्तावित शहर को चार प्रमुख हिस्सों में विकसित करने की योजना है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय क्षेत्र, वाणिज्यिक केंद्र और हरित क्षेत्र शामिल होंगे। औद्योगिक जोन में विनिर्माण इकाइयों और नए निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि आवासीय क्षेत्र में आधुनिक कॉलोनियां, किफायती आवास, विद्यालय, अस्पताल और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वाणिज्यिक क्षेत्र में व्यापारिक प्रतिष्ठान, होटल, कार्यालय और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं स्थापित होंगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षेत्र हरित पट्टी और पार्कों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उत्कृष्ट कनेक्टिविटी होगी। यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से यह क्षेत्र नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली से सीधे जुड़ सकेगा। साथ ही जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक तेज पहुंच उपलब्ध होने से उद्योगों, व्यापार और निर्यात गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। भविष्य में प्रस्तावित अन्य परिवहन परियोजनाओं का लाभ भी इस क्षेत्र को मिल सकता है।
रेल संपर्क के लिहाज से भी हाथरस महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रमुख रेल मार्गों से जुड़े होने के कारण यहां माल परिवहन और यात्री आवागमन दोनों को सुविधा मिलेगी। समर्पित माल गलियारों के नेटवर्क का लाभ मिलने से औद्योगिक इकाइयों के लिए देश के विभिन्न हिस्सों और बंदरगाहों तक सामान पहुंचाना अधिक आसान और तेज हो सकेगा। इससे क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हाथरस पहले से ही हींग, कांच के मोती, कपड़ा, गुलाल और अन्य पारंपरिक उद्योगों के लिए जाना जाता है। नई परियोजना के तहत इन स्थानीय उत्पादों को आधुनिक पैकेजिंग, अनुसंधान और निर्यात सुविधाओं से जोड़ने की योजना है। साथ ही डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, रेडीमेड परिधान, मशीन टूल्स, इलेक्ट्रिकल उपकरण और मेडिकल उपकरण जैसे क्षेत्रों में नए निवेश आकर्षित करने की भी तैयारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अर्बन सेंटर केवल एक नई टाउनशिप नहीं होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक, आवासीय और आर्थिक विकास का नया केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और एनसीआर के आसपास संतुलित शहरी विकास को गति मिलने की संभावना है।
