नई दिल्ली ।राजस्थान में हुए निकाय चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को कई प्रमुख क्षेत्रों में झटका लगा है। चुनाव परिणामों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से जुड़े क्षेत्रों में पार्टी का प्रदर्शन चर्चा में रहा। कई निकायों में BJP स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर सकी और कुछ जगहों पर निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में BJP 65 वार्ड वाले नगर निगम में केवल 20 सीटें जीत सकी। यहां निर्दलीय प्रत्याशियों ने 36 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस को सात सीटें मिलीं, जबकि BSP और RLP के खाते में एक-एक सीट गई। इस परिणाम के बाद निर्दलीय पार्षद नगर निगम के समीकरण में महत्वपूर्ण स्थिति में पहुंच गए।
निकाय चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रोड शो भी किया था। इसके बावजूद भरतपुर में पार्टी बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी। परिणामों में निर्दलीय प्रत्याशियों की बड़ी संख्या में जीत ने नगर निगम के राजनीतिक समीकरण को बदल दिया।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के संसदीय क्षेत्र अलवर में भी BJP स्पष्ट बहुमत से दूर रही। यहां पार्टी ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 23 सीटें मिलीं। निर्दलीय प्रत्याशियों ने 13 वार्डों में जीत हासिल की और एक सीट BSP के खाते में गई।
जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में BJP और कांग्रेस दोनों को 44-44 सीटें मिलीं। वहीं 11 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। इस तरह किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। यहां भी निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई।
प्रदेश BJP अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह जिले पाली में भी पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर सकी। 65 वार्डों में कांग्रेस ने 29 सीटें जीतीं, जबकि BJP को 21 सीटों पर जीत मिली। निर्दलीय प्रत्याशियों ने 15 वार्डों में सफलता हासिल की। बहुमत के लिए 34 सीटों की जरूरत थी, इसलिए पाली में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीयों का समर्थन महत्वपूर्ण रहेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राजनीतिक प्रभाव वाले झालावाड़ में BJP को बड़ा नुकसान हुआ। झालावाड़ नगर परिषद की 45 सीटों में कांग्रेस ने 29 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसके चलते BJP को यहां सत्ता से बाहर होना पड़ा।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से जुड़े बीकानेर में भी BJP को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। 80 वार्ड वाले नगर निगम में कांग्रेस ने 42 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया, जबकि BJP 27 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को बोर्ड बनाने के लिए किसी अन्य दल या निर्दलीय के समर्थन की आवश्यकता नहीं रही।
भरतपुर, पाली, झालावाड़, जोधपुर, अलवर, उदयपुर और बीकानेर जैसे शहरों के नतीजों में BJP कई जगह बहुमत हासिल करने से दूर रही। निकाय चुनाव में पार्टी के प्रमुख नेताओं से जुड़े क्षेत्रों में आए इन परिणामों ने स्थानीय स्तर पर BJP के सामने चुनौती की स्थिति दिखाई है। राजस्थान में 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में निकाय चुनाव के परिणाम पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
