सैन्य कार्रवाई की शुरुआत मंगलवार सुबह उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र से हुई, जहां संदिग्ध गतिविधियों की निरंतर निगरानी के बाद सटीक हमले किए गए। क्षेत्र में घने वृक्षों के नीचे छिपे आतंकियों की लोकेशन का पता लगाने के लिए आधुनिक क्वाडकॉप्टर तकनीक का सहारा लिया गया। इसके माध्यम से जमीनी बलों को आतंकवादियों की सटीक स्थिति की जानकारी मिली, जिसके बाद सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
सुरक्षा बलों के अनुसार, उत्तरी वजीरिस्तान में हुए प्राथमिक ऑपरेशन में 52 आतंकवादी मारे गए, जिनमें चार मुख्य कमांडर शामिल थे। इस दौरान भागने का प्रयास कर रहे घायल आतंकियों को भी सुरक्षा बलों ने निशाना बनाया। ठिकाने से बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियार, गोला-बारूद और अन्य सैन्य सामग्री बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल क्षेत्र में हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
उत्तरी वजीरिस्तान के बाद बुधवार को बन्नू जिले में भी कई अलग-अलग स्थानों पर अभियानों की श्रृंखला शुरू की गई। बन्नू में चलाए गए ऑपरेशनों में ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 10 अन्य आतंकवादी मारे गए तथा 16 घायल हुए। इससे पूर्व जानी खेल क्षेत्र में एक खेल स्टेडियम के समीप चलाए गए एक अलग अभियान में भी दो आतंकी ढेर किए गए थे।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बन्नू में आतंकवादियों द्वारा एक धार्मिक शैक्षणिक संस्थान अर्थात मदरसे को अपने ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई प्रारंभ करने से पूर्व आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रूप से खाली कराया। क्षेत्र को खाली कराने के उपरांत आतंकियों के ठिकानों पर लक्षित हमले किए गए।
अभियान के अंतिम चरण में बन्नू तथा आसपास के क्षेत्रों में सर्च और क्लीयरेंस ऑपरेशन चलाए गए ताकि किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। मध्य प्रदेश तथा अन्य क्षेत्रों के रणनीतिक विशेषज्ञों की नजर भी पड़ोसी देश में बढ़ते आतंकवाद और सैन्य अभियानों पर टिकी हुई है। सुरक्षा अधिकारियों ने प्रतिबद्धता व्यक्त की है कि प्रांत से आतंकवाद का पूरी तरह सफाया होने तक खुफिया आधारित अभियानों का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।
